जानवरों को भगाने के लिए रात में
इंजन की लाइट की जाए ऑन-ऑफ
0 ट्रेनों से जानवरों के कटने की घटना रोकने का रेलवे कर रहा मंथन
0 सेफ्टी मीटिंग में कहा गया रेलवे ट्रैक किनारे न फेंकी जाए खाद्य सामग्री
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। देश के सबसे व्यस्त रेलमार्गों में से एक प्रयागराज-दिल्ली रेलखंड पर आए दिन ट्रेनों से जानवरों के कटने की घटना को रोकने के लिए उत्तर मध्य रेलवे प्रशासन ने मंथन शुरू कर दिया है। इस रूट पर वंदे भारत, शताब्दी और राजधानी एक्सप्रेस आदि सुपरफास्ट ट्रेनों से जानवरों के कटने की घटना ज्यादा हुई है। इसे देखते इन सभी ट्रेनों के लोको पॉयलटों से कहा गया है कि रात के समय वे ऐसे स्थानों पर इंजन की हेड लाइट ऑन-ऑफ करते रहें, जहां जानवरों के कटने की घटनाएं ज्यादा होती हैं।
दरअसल, इस रूट पर रात के समय कैटिल रन ओवर (सीआरओ) यानी की जानवरों के कटने की घटना ज्यादा होती है। रेलवे ट्रैक के आसपास पशुओं को खुला छोड़ देने और ट्रैक किनारे खाने-पीने की वस्तुएं पड़ी होने की वजह से जानवर ट्रैक पर आ जाते हैं और अक्सर ट्रेन की चपेट में आ जाते हैं। वंदे भारत एक्सप्रेस से भी पिछले दिनों जानवर कटने की घटना सामने आई। इसे देखते हुए सोमवार को उत्तर मध्य रेलवे इलाहाबाद मंडल के अफसरों की सेफ्टी मीटिंग हुई। बैठक में कहा गया कि रात के समय संबंधित इलाकों में इंजन की लाइट रात में गुजरते समय ऑन-ऑफ की जाए। इससे जानवरों को ट्रैक से दूर किया जा सकता है। ट्रेनों के पैंट्रीकार के कर्मचारी भी ट्रैक किनारे खाद्य सामग्री न फेंके। ट्रैक को भी साफ-सुथरा रखा जाए। अगर ट्रैक किनारे जानवरों को खाद्य सामग्री नहीं मिलेगी तो वे उससे दूर रहेंगे। डीआरएम अमिताभ ने कहा कि रेलवे ट्रैक किनारे वाले गांवों में अभियान चलाकर वहां ग्रामीणों को जागरूक किया जाए कि वह जानवरों को ट्रैक किनारे न छोड़े।