इलाहाबाद। मेजा थर्मल पावर प्रोजेक्ट इसौटा में काम कर रहे तकरीबन 70 श्रमिकों को काम से निकाल दिया गया। इन श्रमिकों एक एक फर्म ने ठेके पर रखा था। फर्म ने श्रमिकों के गेट पास रखवा लिए और उन्हें काम पर नहीं लौटने दिया। फर्म के प्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया था कि एक माह बाद सबकी वापसी हो जाएगी लेकिन महीनों बाद भी मजदूरों की वापसी नहीं हुई। मामला प्रशासनिक अफसरों तक पहुंचा तो निर्णय लिया गया कि एसडीएम मेजा एक हफ्ते के भीतर एनटीपीसी और संबंधित फर्म के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर इस विवाद का निस्तारण कराएंगे। मजदूरों ने एडीएम प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा।
मेजा थर्मल पावर प्रोजेक्ट के तहत तमाम फर्में काम कर रही हैं। भूमि अधिग्रहण सहित तमाम मुद्दों को लेकर पहले से ही वहां विवाद बना हुआ है। कुछ दिनों पहले वहां बवाल भी हुआ था। ऐसे में एक साथ 70 दिहाड़ी मजदूरों को काम से निकाल दिए जाने मामला और गरमा गया है। सोमवार को राष्ट्रीय ऊर्जा निगम श्रमिक यूनियन के बैनर तले यूनियन के महामंत्री बृजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी के नेतृत्व में एडीएम प्रशासन आएन गुप्ता को ज्ञापन देने पहुंचे मजदूरों ने बताया कि पिछले साल उनका गेट पास रखवा लिया गया।
कहा गया कि नया गेट पास जारी होगा लेकिन महीनों बाद भी पास नहीं मिला और न ही काम पर वापस रखा गया। ऐसा लगता है कि फर्म ने बिना किसी सूचना के उन्हें काम से निकाल दिया है। यह अन्याय है। इसके खिलाफ आंदोलन होगा। एडीएम प्रशासन ने मामले में एसडीएम मेजा से बात की और एनटीपीसी एवं फर्म के अधिकारियों के साथ बैठक कर मामले का निस्तारण कराने का निर्देश दिया। एसडीएम मेजा डॉ. विपिन मिश्र का कहना है कि एक हफ्ते के भीतर एनटीपीसी और फर्म के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर मामले का निस्तारण कर दिया जाएगा।