टीईटी परीक्षा के बाद तेज होगा शिक्षक भर्ती आंदोलन
टीईटी परीक्षा के बाद युवा मंच कार्यकर्ता शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर आंदोलन तेज करेंगे। युवा मंच अध्यक्ष अनिल सिंह ने प्रदेश सरकार निशाना साधते हुए कहा कि जब महज 7 हजार अभ्यर्थियों वाली पीसीएस मुख्य परीक्षा को कोविड की वजह से स्थगित किया जा सकता है, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की सभी परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया।
शिक्षण संस्थान पहले से ही बंद हैं। ऐसे में सरकार लाखों युवाओं की जिंदगी को खतरे में डालकर टीईटी परीक्षा कराने की जिद पर अड़ी है। अगर टीईटी परीक्षा कराने की जिद पर सरकार अड़ी है तो प्रदेश के युवा भी टीईटी परीक्षा के बाद 97 हजार शिक्षक भर्ती के विज्ञापन के लिए आंदोलन तेज करेेंगे।
प्रवेश प्रक्रिया रोकने पर जताई नाराजगी
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ भवन पर छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर बुधवार को 547 वे दिन भी छात्रनेता अजय यादव सम्राट के अगुवाई में आंदोलन जारी रहा। अनशनकारियों ने इविवि में प्रवेश प्रक्रिया बंद करने पर आक्रोश जाहिर किया है। छात्रनेताओं का कहना है कि कि कोरोना का बहाना बनाकर विश्वविद्यालय बंद कर दिया है गया।
देश के दूसरे सभी विश्वविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में विश्वविद्यालय को बंद कर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इस दौरान नवनीत यादव, मसूद अंसारी, हरेंद्र यादव, आदित्य कुमार, अभिषेक यादव, शिव शंकर सरोज, ललित सिंह, सुधीर यादव, सलमान इलाहाबादी आदि लोग उपस्थित रहे।
समावेशी शिक्षा आज की मांग
प्रयागराज। एसएस खन्ना महिला महाविद्यालय के बीएड संकाय में सत्र 2021-23 की नवप्रवेशी छात्राओं के लिए बुधवार को ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इविवि में शिक्षाशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. धनंजय यादव ने कहा शिक्षा का सर्वोच्च ध्येय अधिगमकर्ता का चहुंमुखी विकास है। मूल्य आधारित एवं समावेशी शिक्षा आज के समय की मांग है। स्वागत उप प्राचार्या डॉ. नीरजा सचदेव किया। डॉ. मंजरी शुक्ला ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान अपर्णा यादव, प्रणाली पटेल, श्वेता सिंह, दृष्टि केसरवानी, सत्यम स्वरूप आदि उपस्थित रहीं।
शिक्षाविदों ने साझा किए विचार
ईश्वर शरण पीजी कालेज के अंग्रेजी विभाग में बुधवार को दो दिवसीय व्याख्यानमाला का समापन हुआ। महाराजा सूरजमल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी नई दिल्ली की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. जिंदगी कुमारी ने नोबेल पुरस्कार विजेता रविंद्र नाथ टैगोर के उपन्यास होम एंड द वर्ल्ड और दूसरा प्रेमचंद द्वारा लिखित द गिफ्ट आफ ए काऊ के व्याख्यान से हुआ।
उन्होंने कहा कि होम एंड द वर्ल्ड में बाहरी दुनिया के साथ घर के संबंध को दर्शाया गया है। द गिफ्ट आफ ए काऊ में मुंशी प्रेमचंद के तत्कालीन समाज के आलोचनात्मक टिप्पणी पर प्रकाश डाला। इंटीग्रल यूनिवर्सिटी लखनऊ की डॉ. एस आबिदि ने भी अपने विचार साझा किए। इस दौरान प्राचार्य प्रो. आनंद शंकर सिंह, कार्यक्रम संयोजिका डॉ. अनुजा सलूजा, डॉ. विजय तिवारी, डॉ. शाइस्ता इरशाद, शोध छात्रा अपूर्वा और शैलजा आदि उपस्थित रहीं।