याचीगण का कहना था कि उन्होंने प्रयागराज, कौशाम्बी तथा संत रविदास नगर जिले की वरीयता दी थी। उसे अधिक अंक पाने के बावजूद सोनभद्र जिला आवंटित किया गया है। जबकि उससे कम अंक पाने वाले गृह जनपद में तैनात किए गए हैं।शिखा सिंह तथा 48 अन्य के केस में कोर्ट ने मनमाना आवंटन रद्द कर नए सिरे से तीन माह में आवंटन का निर्देश दिया था। इसके खिलाफ अपील खारिज हो गई। खंडपीठ ने कहा कि जिन्हें जिला आवंटित हो चुका है, उन्हें नहीं छेड़ा जाएगा। कोर्ट ने कहा 2018 में ही चयन प्रक्त्रिस्या पूरी हो चुकी है।
कोर्ट ने सही आवंटन का आदेश दिया था। उसके खिलाफ अपील भी खारिज हो गई जो बात एक बार तय कर दी गई उसे दोबारा तय करने का आदेश नहीं दिया जा सकता। याचिका खारिज कर दी किंतु याचियों को अपनी बात सचिव के समक्ष रखने तथा उसे निर्णीत करने का निर्देश दिया है।