डीजीपी की भी सीख बेअसर, श्रद्धालुओं से अभद्रता
श्रद्धालुओं से विनम्रता से पेश आने का दिया था निर्देश
जगह-जगह पुलिसकर्मियों की बेरुखी का शिकार हुए लोग
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। बेतरतीब मार्ग प्रतिबंधों ने श्रद्धालुओं को परेशान किया तो पुलिसवालों के व्यवहार ने उनके दर्द में और इजाफा किया। हालात यह रहे कि पुलिस पर डीजीपी की सीख का भी असर नहीं दिखा। जगह-जगह श्रद्धालुओं से अभद्रता की गई। इस पर कुछ की पुलिसकर्मियों से नोकझोंक हुई तो कुछ भरे मन से चले गए।
खास बात यह रही कि जवानों-होमगार्डों की तो छोड़िए, अफसर भी डीजीपी की सीख भूलते नजर आए। नए यमुना पुल पर सुबह 11.30 बजे के करीब बाइक सवार युवक पहुंचा तो उसे आगे जाने से रोक दिया गया। बताया गया कि पुल पर शहर की ओर जाने वाले रास्ते पर आवागमन बंद है। इसी दौरान दो कारों को पुल पर जाने दिया गया तो युवक ने दरोगा से इसका कारण पूछा। इतना सुनते ही आगबबूला हुए दरोगा ने युवक से अपशब्द कहना शुरू कर दिया। इसके बाद युवक ने कुछ दूर पर खड़े अफसर से शिकायत की। इसके बाद भी दरोगा शांत नहीं हुआ। अफसर ने किसी तरह समझाकर युवक को वापस भेजा। इस तरह के नजारे दिन भर आम रहे। उधर, देर रात बालसन चौराहे पर जार्जटाउन पुलिस ने भी कई लोगों से अभद्रता की। इनमें कुछ शहरी थे तो कुछ बाहर से आए श्रद्धालु थे। हालात यह रहे कि पुलिस ने गैरजनपद से आए भाजपा के एक पदाधिकारी को भी नहीं बख्शा। उनसे अभद्रता की जिसके बाद वह मामले की शिकायत करने की बात कहते हुए वहां से चले गए। खास बात यह कि पुलिसकर्मी हर आने-जाने वाले श्रद्धालु को इस घटना का उदाहरण भी देते रहे। खास बात यह है कि अभद्रता की शिकायत करने पर भी पुलिस अफसरों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। वह पुलिसकर्मियों का ही पक्ष लेते रहे।
घंटे भर थाने के बाहर खड़ा रखा परिवार को
एक दिन पहले हुई घटना से भी साफ था कि पुलिसकर्मियों पर डीजीपी की सीख का भी कोई असर नहीं हुआ। एक परिवार को जार्जटाउन थाने के बाहर घंटे भर खड़ा रखा गया। नैनी का रहने वाला परिवार स्कॉर्पियो से बालसन होकर लौट रहा था। इसी दौरान चौराहे पर जार्जटाउन इंस्पेक्टर ने गाड़ी रोक ली। गाड़ी के एक शीशे पर काली फिल्म लगी होने पर उन्होंने परिवार समेत गाड़ी को थाने के बाहर ले जाकर खड़ा करवा दिया और खुद गायब हो गए। परिवार, जिसमें एक 70 साल की बुजुर्ग महिला और तीन बच्चे थे, एक घंटे तक थाने के बाहर खड़ा रहा। सूत्रों की मानें तो पुलिस ने लेनदेन के चक्कर में ही बिना कोई कार्रवाई किए गाड़ी घंटे भर तक खड़ी रखी। बाद में मीडियाकर्मियों ने जानकारी दी तो अफसरों के कहने पर हड़कंप मचा। इसके बाद आननफानन में जुर्माना लेकर गाड़ी छोड़ी गई।