रामपुर तिराहा कांड
24 साल से लंबित मुकदमे की प्रगति रिपोर्ट तलब
0 सुनवाई में विलंब को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने उत्तराखंड आंदोलन के दौरान मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहे पर हुई घटना को लेकर चल रही अदालती प्रक्रिया की जानकारी मांगी है। इस घटना से संबंधित मुकदमा एसीजेएम मुजफ्फरनगर की अदालत में विचाराधीन है। कोर्ट ने याची से कहा है कि मुकदमे में अब तक हुई कार्यवाही की सूची अगली सुनवाई को प्रस्तुत की जाए। याचिका पर अगली सुनवाई चार जनवरी 2019 को होगी।
रवींद्र जुगरान की जनहित याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति वाईके श्रीवास्तव की पीठ सुनवाई कर रही है। याचिका में कहा गया कि 24 साल से इस घटना को लेकर आपराधिक मुकदमा विचाराधीन है। इसे समयबद्ध तरीके से निस्तारित करने का आदेश दिया जाए। मुकदमे की सुनवाई धीमी होने से पीड़ितों का मानसिक उत्पीड़न हो रहा है। कई अभियुक्ताें और पीड़ितों की मौत हो चुकी है।
याची के अधिवक्ता रवींद्र त्रिपाठी का कहना था इस मामले में कुछ पांच मुकदमे दर्ज किए गए थे। एक मुकदमे में अभियुक्त की मौत होने के कारण उसे उपशमित कर दिया गया, जबकि शेष चार मुकदमों का ट्रायल अभी चल रहा है। कुछ और पीड़ितों और अभियुक्तों की मृत्यु हो चुकी है। घटना की जांच सीबीआई ने की थी। सीबीआई की रिपोर्ट में छह लोगों की मौत होना, तीन महिलाओं से रेप, लूटपाट और साक्ष्य छिपाने की कोशिश की बात सामने आई। पुलिस ने जांच रिपोर्ट से भी छेड़छाड़ की थी। इसे लेकर मुकदमे दर्ज किए गए हैं। मगर, इनके निस्तारण में अनावश्यक विलंब हो रहा है। सीबीआई के अधिवक्ता ज्ञान प्रकाश ने याचिका की पोषणीयता पर आपत्ति की। कोर्ट का कहना था कि मुकदमे की शीघ्र सुनवाई होनी चाहिए। चार जनवरी को मुकदमों की स्थिति बताने का निर्देश दिया है।