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रिटायर्ड दरोगा हत्याकांड में विवेचक बदलने का आदेश
0 जांच में लीपापोती से हाईकोर्ट नाराज, दरोगा धर्मेंद्र यादव को रिमोट एरिया में भेजने का निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। शिवकुटी में रिटायर्ड दरोगा अब्दुल समद खां की पीट-पीट कर हत्या कर देने के मामले की जांच कर रहे विवेचना अधिकारी की लापरवाही पर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने एसएसपी इलाहाबाद को निर्देश दिया है कि जांच अधिकारी को तत्काल बदल कर किसी वरिष्ठ अधिकारी को मामले की जांच सौंपी जाए। कोर्ट ने जांच कर रहे दरोगा धर्मेंद्र यादव को वहां से हटाकर किसी रिमोट एरिया में तैनाती देने का निर्देश दिया है।
मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ इस घटना पर स्वत: संज्ञान लेकर विवेचना की मॉनिटरिंग कर रही है। दरोगा अब्दुल समद ने आरोपियों के अवैध निर्माण की शिकायत की थी तथा ध्वस्तीकरण की मांग की थी। इसी वजह से उनकी बेरहमी से बीच सड़क पर पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। दिनदहाड़े हुई यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। इसके बावजूद विवेचक ने किसी चश्मदीद गवाह का बयान दर्ज करने की कोशिश नहीं की। हत्या का संबंध ध्वस्त किए गए मकान से है इस दिशा में भी कोेई जांच नहीं की गई ।
कोर्ट ने कहा कि विवेचक की लापरवाही से केस कमजोर हो रहा है। रिमांड मांगने की अर्जी पर उन्होंने गैरजमानती धाराएं नहीं लिखीं। गिरफ्तार किए गए कई आरोपियों को जमानत मिल गई। उनकी जमानतें निरस्त कराने का भी कोई प्रयास विवेचक ने नहीं किया। इतनी ही नहीं विवेचक ने अधीनस्थ न्यायालय को यह भी नहीं बताया कि इस केस की मॉनिटरिंग हाईकोर्ट द्वारा की जा रही है। कोर्ट ने विवेचक को तत्काल इस केस से हटाकर किसी वरिष्ठ अधिकारी को विवेेचना सौंपने का निर्देश दिया है।