देवी कात्यायनी संग पूजी गईं कन्याएं
0 घरों-मंदिरों में शुरू हुआ कन्या भोजन का सिलसिला
0 शतचंडी यज्ञ, शतचंडी, दुर्गा सप्तशती का सामूहिक पाठ
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
शारदीय नवरात्र में मंगलवार को भगवती के छठे स्वरूप कात्यायनी का पूजन-अर्चन हुआ। इसी के साथ घरों और मंदिरों में कन्या पूजन और कन्या खिलाने का क्रम शुरू हो गया। मीरापुर स्थित सिद्धपीठ ललिता देवी मंदिर में त्रिपुर सुंदरी ललिता का बहुरंगी फूलों से कात्यायनी स्वरूप का शृंगार किया गया। मंदिर परिसर में कन्या पूजन, कन्या खिलाने वालों का तांता लगा रहा। आचार्य पुरोहितों की देखरेख में विश्वकल्याण के निमित्त शतचंडी महायज्ञ में आहुतियां डाली गईं। व्यवस्था में समिति के अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा, महामंत्री धीरज नागर आदि लगे रहे।
भगवती कल्याणी चतुर्भुजी स्वरूप में सजीं। देवी का मोती के आभूषणों, फूलों से कात्यायनी स्वरूप में मनोहारी शृंगार किया गया। कमल, खड्ग धारण किए देवी के दर्शन पूजन को भक्तों की भीड़ उमड़ी। मंदिर परिसर में मुंडन छेदन कराने के लिए दूर दूर से लोग आए। मंदिर में कन्या पूजन, कन्या खिलाई गईं। अध्यक्ष सुशील पाठक, व्यवस्थापक श्याम जी पाठक व्यवस्था में जुटे रहे।
चौक गंगादास स्थित खेमामाई मंदिर में पट खुलने के बाद पूजन और शाम को शृंगार दर्शन को श्रद्धालु जुटे। मुट्ठीगंज कालीबाड़ी में पुष्पांजलि के लिए महिलाएं जुटीं। इसी क्रम में हाईकोर्ट चौराहा स्थित हनुमान मंदिर, अष्टभुजी मंदिर, हनुमत निकेतन के दुर्गा मंदिर, सिद्धेश्वरी गुप्त महापीठ, कर्नलगंज व कटरा कालीबाड़ी, चौफटका, समियामाई आदि मंदिरों में दुर्गा सप्तशती, शतचंडी के पाठ हुए।
0 अलोपशंकरी को अर्पित भोग प्रसाद, चढ़े निशान
शक्तिपीठ अलोपीदेवी में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के श्रद्धालु भगवती को निशान चढ़ाने के लिए आए। ब्रह्म मुहूर्त से आरंभ हुआ पूजन-अर्चन का क्रम देर रात तक जारी रहा। मंदिर में बच्चों के मुंडन छेदन कराने आए परिवारों ने देवी का भोग प्रसाद परिसर में तैयार किया। महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रामसेवक गिरि की देखरेख में भोर से आरंभ हुआ पूजन-अर्चन का क्रम देर रात तक चला। आचार्य पुरोहितों द्वारा शतचंडी यज्ञ और दुर्गा सप्तशती का सामूहिक पाठ किया गया। घंटा-घड़ियाल शंखनाद के साथ महाआरती हुई। भजनों द्वारा अलोपशंकरी की महिमा का बखानी गई। अखाड़े की ओर से महाअष्टमी पर 51 कन्याओं का पूजन अर्चन होगा।
काली के शृंगार दर्शन को जुटे भक्त
करेली नयापुरवा स्थित सिद्धपीठ मां काली के प्राचीन मंदिर में देवी का फूलों से मनोहारी शृंगार किया गया। परिसर में जुटी महिलाओं की टोली ने ‘लट बिखराए आईं मां काली गजब लागे, ‘काली मइया सब बाधा हरने आईं’, ‘ढोल मंजीरा बाजे काली के दरबारे में’ और ‘मन तुमसे लाग्यो माँ काली, अब जाऊं कहां’ जैसे भजनों से देवी की महिमा बखानी। सुबह महामंगल आरती के साथ देवी के दर्शन, पूजन का क्रम आरंभ हुआ जो देर रात तक चलता रहा। मुख्य सेवक हनुमत प्रसाद पंडा और प्रबंधक सुशील कुमार पंडा की देखरेख में प्रवक्ता सुमित श्रीवास्तव, मुकेश साहू, पिन्टू सोनकर, पवन श्रीवास्तव आदि ने व्यवस्था संभाली।