जैविक विज्ञान के जटिल रहस्यों को साझा करने पहुंचे डॉ. यांग
विश्वविद्यालय में शुरू हुआ सात दिवसीय कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
ग्लोबल इनिसिएटिव ऑफ एकेडमिक नेटवर्क कोर्स के तहत शुक्रवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ फूड टेक्नोलॉजी में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक के रूप में ओकाया, अमेरिका से आए प्रख्यात कैंसर वैज्ञानिक प्रो. यांग ली ने अपने महत्वपूर्ण अनुभव और जानकारियां साझा कीं। वह मूलत: चीन के हैं। यह आयोजन 21 जुलाई तक चलेगा और सप्ताह पर्यंत डॉ. यांग का व्याख्यान होगा। इस दौरान व्याख्यान के साथ वह प्रयोगशाला से संबंधित गतिविधियों में भी सहभागिता करेंगे।
बायोटेक्नोलॉजी विभाग के डॉ. अवध बिहारी यादव एवं बायो केमेस्ट्री विभाग के डॉ. मुनीश पांडेय की संयुक्त देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू ने किया। उन्होंने कहा कि जीआईएएन प्रोग्राम के माध्यम से विश्वविद्यालय के शोध छात्रों एवं अन्य छात्रों को जैविक विज्ञान के विभिन्न आयामों के बारे में सूक्ष्मता से जानकारी मिलेगी। कहा कि इस तरह के कोर्स विश्वविद्यालय में सदैव चलते रहेंगे। वैज्ञानिक प्रो. यांग ली ने कहा कि भारत सरकार की ओर से संचालित कार्यक्रम के माध्यम से इलाहाबाद विश्वविद्यालय में आना उनके लिए किसी सुअवसर से कम नहीं है। कहा कि अपने ज्ञान को अध्यापकों एवं शोध छात्रों के साथ के लिए वह काफी उत्साहित हैं। सत्र के प्रारंभ में बायोटेक्नोलॉजी केंद्र की अध्यक्ष प्रो. शांति सुंदरम ने अतिथियों का स्वागत किया। डीन विज्ञान संकाय ने डॉ. यांग का परिचय प्रस्तुत किया। ग्लोबल इनिसिएटिव ऑफ एकेडमिक नेटवर्क के कोऑर्डिनेटर ने कहा कि इस कोर्स से अन्य शैक्षिक संस्थाओं के शोधकर्ताओं एवं प्रतिभागियों को लाभ मिलेगा। बायो केमेस्ट्री के विभागाध्यक्ष प्रो. बेचन शर्मा ने प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।