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आयुष्मान योजना के 60 हजार लाभार्थी लापता

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60 thousand beneficiaries of Ayushman scheme missing
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आयुष्मान योजना के 60 हजार लाभार्थी लापता
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0 प्रमुख सचिव ने दिए सर्वे कराकर खोजने के निर्देश
0 गोल्डेन कार्ड बनवाने, योजना का लाभ दिलाने पर जोर
मुनेंद्र बाजपेयी
0 आयुष्मान जन आरोग्य योजना के 2.73 लाख लाभार्थियों में 60 हजार लापता हैं। 15 महीने में 22 बार की खोजबीन के बाद भी सूची में शामिल लोग खोजे नहीं मिल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ही नहीं सीडीओ ने तहसील कर्मियों से भी पड़ताल कराई गई। प्रधान और गांव के लोगों को भी लगाया गया लेकिन लाभार्थी नहीं मिले।
नोडल अधिकारी ने इसकी सूचना आयुष्मान भारत की कार्यदायी संस्था साचीज की सीईओ को दी है। इस मामले में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने लापता लोगों के खोजने के लिए सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। यह काम जनवरी 2020 तक पूरा करना होगा। सर्वे का काम आशा से कराया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में नागरिक सुरक्षा कोर की मदद ली जाएगी। साथ ही सूची में शामिल लाभार्थियों को पार्षदों से भी चिह्नित कराया जाएगा।
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आयुष्मान योजना के तहत प्रयागराज में 2.73 लाख परिवारों को पांच लाख रुपये का तक के फ्री इलाज की सुविधा दी जानी है। योजना शुरू होने के बाद गोल्डेन कार्ड बनाए जाने की गति बेहद धीमी रही। तीन महीने के सघन अभियान के बाद दो लाख पांच हजार गोल्डेन कार्ड ही बनाए जा सके हैं।
लापता लोगों में शहरी लाभार्थी ज्यादा
एडिशनल डाटा कलेक्शन ड्राइव (एडीसीडी) के दौरान सूची में शामिल लाभार्थियों को चिह्नित करने के दौरान करने के दौरान करीब 60 हजार लोग खोजे नहीं मिल रहे हैं। चिह्नांकन के दौरान परिवार मिले ही नहीं थे या फिर उनसे संबंधित कोई डाटा जैसे राशन कार्ड या फोन नंबर भी नहीं मिला। उस दौरान ये संभावना जताई जा रही थी कि परिवार कहीं बाहर चले गए हैं। योजना के लापता लाभार्थियों में शहरी क्षेत्र में रहने वाले ज्यादा हैं। अब जब राशनकार्ड में एपीएल और बीपीएल का भेद खत्म हो चुका है, ऐसे में इनकी खोजबीन मुश्किल हो रही है। ग्रामीण इलाकों में गांव और मजरे में रहने वालों का ठिकाना नहीं मिल रहा है।
नए सिरे से होगी खोजबीन
शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने सूची को नए सिरे से खंगालने और लापता हो चुके परिवारों का फिर से चिह्नित करने की तैयारी है। एक बार फिर आशा को इन परिवारों को ढूंढने के लिए लगाया जाएगा। इसके लिए जनवरी 2020 तक की समय सीमा तय की गई है।
--वर्जन--
0 लापता परिवार नहीं मिले तो सरकार के साथ आयुष्मान योजना की कार्यदायी संस्था साचीज को सूचित किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भी इस कार्य में लगाया गया है।- मेजर डॉ. जीएस बाजपेयी, सीएमओ
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0 सूची में शामिल लाभार्थियों के गोल्डेन कार्ड बनें और उन्हें योजना का लाभ मिले, इसके प्रयास किए जा रहे हैं। लापता परिवारों को खोजने में सिविल डिफेंस और प्रधानों की भी मदद ली जाएगी। - डॉ. राहुल सिंह, नोडल अधिकारी आयुष्मान
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