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कुलपति ने दी सफाई, महिला आयोग संतुष्ट नहीं

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AU VC present befor national woman commission in Delhi - फोटो : CITY DESK
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जनवरी के दूसरे सप्ताह में फिर इविवि आएगी आयोग की टीम
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कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री और मंत्रालय को भेजा जाएगा पत्र
प्रयागराज। अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब देने इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू शुक्रवार को दिल्ली स्थित राष्ट्रीय महिला आयोग पहुंचे। कुलपति ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को नकार दिया। लेकिन, महिला आयोग कुलपति के जवाबों से संतुष्ट नहीं है। आयोग की टीम जनवरी के दूसरे सप्ताह में इविवि के महिला छात्रावास परिसर का दोबारा निरीक्षण करेगी और कुलपति पर कार्रवाई के लिए आयोग प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को पत्र भी भेजेगा।
इविवि के महिला छात्रावास परिसर में छात्राओं की सुरक्षा के मसले पर आयोग की टीम इसी माह जांच के लिए हॉस्टल आई थी। निरीक्षण के दौरान जांच टीम को हॉस्टल में व्यापक पैमाने पर अव्यवस्था मिली थी। जांच टीम ने यह भी पाया था कि इविवि में यौन उत्पीड़न की शिकायतों को कुलपति गंभीरता से नहीं ले रहे और छात्राओं की समस्या पर भी विश्वविद्यालय प्रशासन गंभीर नहीं है। जांच के दौरान कुलपति की इविवि में गैरमौजूदगी पर भी आयोग की टीम ने सवाल उठाए थे। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा को सौंपी, जिसके बाद आयोग की ओर से कुलपति को समन जारी कर 27 दिसंबर को आयोग में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना जवाब देने को कहा गया।
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कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू शुक्रवार सुबह आयोग पहुंचे और उन्होंने अपना पक्ष रखा। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि जैसा अनुमान था, कुलपति ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को नकार दिया लेकिन महिला आयोग कुलपति के जवाब से संतुष्ट नहीं है। आयोग की टीम जल्द ही महिला छात्रावास का निरीक्षण करने दोबारा आएगी और छात्राओं से बातचीत करेगी। अध्यक्ष ने बताया कि कुलपति के खिलाफ कार्रवाई के लिए आयोग की ओर से प्रधानमंत्री और केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को पत्र लिखा जाएगा।
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अनशन जारी, छात्रों ने कुलपति पर साधा निशाना
प्रयागराज। छात्रों की सुरक्षा और कुलपति की बर्खास्तगी की मांग को लेकर महिला हॉस्टल के गेट पर छात्र-छात्राओं को बेमियादी क्रमिक अनशन शुक्रवार को भी जारी रहा। छात्रों ने कहा कि महिला आयोग की अदालत में कुलपति को हाजिर होना आंदोलन के 15 दिनों में मिली पहली नैतिक सफलता है। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह ने कहा कि चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे जो बार-बार कह रहे थे कि महिला परिसर में सब कुछ ठीक है, उन्हें अब इस्तीफा दे देना चाहिए। इस दौरान छात्र नेता अखिलेश यादव, सत्यम सनी, अहमर इलियास, अजय सम्राट, सत्यम कुशवाहा, अजय पांडेय, राहुल, मसूद अंसारी आदि मौजूद रहे।
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