उन्हें भी लाइसेंस जारी कर दिया गया है। धूमनगंज से असगर, सोनू, शकील, अहमद, अबू, तालिब, अफजाल, मटरू, अबरार, तारीक, आरिफ, असिम, अजहर, जावेद, जैद, इंतजार, आसिफ, दुर्रानी, इकरार, साजिद, फरहीन, दानिश, रुबीना, आबिद प्रधान, तालिब, वदूद, आबिद और अनवर के नाम से लाइसेंसी हथियारों के बारे में पता चला है। इनमें से कई हार्डकोर क्रिमिनल हैं। इसके साथ ही पूरामुफ्ती क्षेत्र के मतलूब, असलम, असीर, मिसबाउल्लैन, मसूदुल्लैन, यामी, नसीम, शिवली, मुस्तैसम और सभी के नाम से लाइसेंस जारी हुए हैं।
कैंट थाना क्षेत्र से गुड्डू, भुट्टो, शाहिद, बबलू, अली, असलम और असरैल के नाम से लाइसेंस हथियार हैं। नवाबगंज क्षेत्र से अलाउद्दीन, फैसल, अंसार व जफर के नाम से और कर्नलगंज में मकसूद तथा कोखराज में अब्दुल अहमद और महफूज के नाम से लाइसेंस जारी हुए हैं।
करेली के अफजाल, शाहिद, मजहुल, शमशुल और इरफान के नाम से वहीं अन्य थानों में सराय अकिल के अब्दुल कवी, पिपरी के रसूल अहमद, मोहम्मद अकमल और अमजद के नाम से लाइसेंस हैं। अतीक अहमद गिरोह में शामिल कई शातिर अपराधी जिनके खिलाफ दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं, उन्हें भी लाइसेंस जारी किया गया था। अब पुलिस सब की जांच कर रही है कि किसकी रिपोर्ट पर अपराधियों को लाइसेंस जारी हुए। पुलिस अब इन लाइसेंसी हथियारों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई कर रही है।
अतीक अहमद गिरोह और उनसे जुड़े लोगों के जितने भी लाइसेंसी हथियारों के बारे में जानकारी मिल रही है, सब के निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। जांच भी हो रही है कि अपराधियों को लाइसेंस कैसे जारी हो गए। -वृज नारायण सिंह, सीओ सिविल लाइंस