जेल प्रशासन द्वारा दिया जाता है फलाहार
नवरात्र के प्रथम दिन 1532 बंदियों ने व्रत रखा था। तब व्रत रखने वाले बंदियों को आधा किलो आलू, तीन केले, ढाई सौ ग्राम दूध व सौ ग्राम चीनी उपलब्ध कराई गई। बाद में जिन बंदियों ने नवरात्र के व्रत को जारी रखा, उनके लिए यह सामग्रियां नियमित कर दी गईं। इसी तरह रोजा रखने वालों को शाम को दौ सौ ग्राम दूध, तीन ग्राम खजूर, तीन केला, नींबू, पावरोटी व बिस्किट दिया जा रहा है। व्रत रखने वाले बंदी जेल परिसर में सुबह से शाम भजन, कीर्तन और देवी आराधना में लीन रहते हैं। जबकि रोजे रखने वाले इबादत में।
जेल में माहौल हो गया है भक्तिमय
जेल मैनुअल के अनुसार नवरात्र व्रत व रोजा रखने वालों को अलग से व्यवस्था कर पूजन व अन्य सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। नवरात्रि के पहले दिन कुल 1,532 बंदियों ने उपवास रखा था। ऐसे में उम्मीद है कि नवरात्रि के आठवें दिन भी इतने ही बंदी उपवास रखेंगे। जबकि 516 बंदी तमाम धार्मिक अनुष्ठानों का पालन करते हुए पूरे नौ दिनों का उपवास रख रहे हैं। इनके साथ ही रोजा रखने वाले बंदियों का भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है। - पीएन पांडेय, वरिष्ठ जेल अधीक्षक