विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मधु डोगरा ने कहा है कि किन्नरों को अब उपेक्षित जीवन नहीं व्यतीत करना होगा, बल्कि सामान्य नागरिकों की भांति उन्हें भी बराबरी का हक मिलेगा। उन्होंने शुक्रवार को अचलपुर स्थित किन्नर बस्ती पहुंचकर उनके अधिकारों और कर्तव्यों से परिचित कराया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मधु डोगरा ने कहा कि देश में निवास कर रहे ट्रांसजेंडरों को भारत के अन्य नागरिकों को प्रदत्त संवैधानिक अधिकार की भांति सामाजिक व्यवस्था में कानूनी अधिकार प्रदान किया गया है। उनका जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, आधारकार्ड, पैनकार्ड, राशनकार्ड बनाने के साथ बैंक खाता खोला जाएगा। ट्रांसजेंडर की लीडर नर्गिस ने बताया कि हमें समाज अछूत समझता है, जहां से हम गुजरते हैं, लोग हमें हीन दृष्टि से देखते हैं, लोग हमें अपने बराबर का नहीं समझते हैं, हम भी समाज में सम्मानपूर्वक रहना चाहते हैं, हमारे पास ना तो वोटर कार्ड है, ना आधार कार्ड है, ना राशन कार्ड है, ना बैंक में खाता खुला है। ना ट्रांसजेंडर का प्रमाण पत्र ही है ना किसी सरकारी योजना का आज तक कोई हमें लाभ मिला है। इस पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव मधु डोगरा ने भरोसा दिलाया कि आप सब की मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों को जल्द ही पत्र लिखकर निर्देशित किया जाएगा। 15 दिन के भीतर आधारकार्ड, वोटर कार्ड, निवास प्रमाण बनवाने को कहा। इस अवसर पर पीएलवी निरंजन प्रकाश तिवारी, रामप्रकाश पांडेय आदि मौजूद रहे।
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जेल में महिला बैरकों का लिया जायजा
विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मधु डोगरा ने शुक्रवार को जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया। महिला कैदियों के बैरक में पहुंचकर साफ-सफाई और खान-पान की जानकारी ली। महिला बंदियों का आह्वान किया कि जिसके मुकदमे की पैरवी के लिए अधिवक्ता नहीं हैं, उन्हें नि:शुल्क विधिक सहायता मुहैया कराई जाएगी।