स्वरूपानंद और वासुदेवानंद को मिलाने की शुरू हुई पहल
0 अखाड़ा परिषद केमहामंत्री हरि गिरि ने वासुदेवानंद से की मुलाकात,
कहा, माघ मेले में दोनों में हो सकती है बात
इलाहाबाद। ज्योतिष्पीठ पर शंकराचार्य को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के दो महीने बाद अखाड़ों की ओर से एक नई पहल हुई है। अखाड़ों की ओर से शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती और स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती के बीच आपसी सहमति बनाने की कोशिश शुरू हुई है। इसके लिए अखाड़ा परिषद के महामंत्री एवं जूना अखाड़े के संरक्षक महंत हरि गिरि ने वासुदेवानंद से वार्ता भी की है।
दोनों संत ज्योतिष्पीठ पर शंकराचार्य पद पर अपनी दावेदारी कर रहे थे। इसी को लेकर दोनों के लंबे समय से तकरार चल रही है। हालांकि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दोनों के दावे को अवैध करार दे दिया है। इसके दो महीने बाद अखाड़ा परिषद दोनों के बीच आपसी बातचीत से तकरार को खत्म कराना चाह रहा है। हरिगिरि इसी संदर्भ में स्वामी वासुदेवानंद से उनके आश्रम जाकर मुलाकात की और उनसे मतभेदों को दूर करने के लिए बात की। हरिगिरि ने बताया जब माघ मेला में शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती आएंगे। उनसे इस बाबत प्रार्थना की जाएगी। और कोशिश करके दोनों संतों की बात भी कराई जाएगी। अखाड़ा परिषद की आगामी बैठक में भी इस बात को लेकर चर्चा होगी। उधर इस संबंध में स्वामी वासुदेवानंद के बात करने की कोशिश की गई। उनके सचिव आचार्य छोटे लाल मिश्रा ने कुछ भी बोलने से मना कर दिया।