इलाहाबाद। पिछड़ा वर्ग विकास समिति की ओर से रविवार को सर्वसमाज सामूहिक विवाह में 51 जोड़े परिणय सूत्र में बंधकर एक-दूसरे के जीवनसाथी बने। रामबाग स्थित सेवा समिति विद्या मंदिर में विधि-विधान से प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान पांच आदिवासी जोड़े, छह ब्राह्मण, पांच कायस्थ, 14 दलित, 20 पिछड़ी जातियों के जोड़े परिणय बंधन में बंधे। वहीं काजी की मौजूदगी में रीति के मुताबिक मसीद-रुक्सा का निकाह भी हुआ।
बारात दोपहर बाद आनंद भवन के करीब महर्षि भारद्वाज विद्या मंदिर विद्यालय से हाथी, घोड़े, ऊंट, रथ, गाजे-बाजे के साथ निकलकर विद्या मंदिर मैदान पहुंची। बिहार सरकार के मंत्री दुलार चंद्र गोस्वामी ने उन्हें रवाना किया। सभी के लिए अलग-अलग मंडप बनाए गए थे। 31 जोड़ों केलिए मंच पर व्यवस्था की गई थी। सभी जोड़ों को आलमारी, बेड, सूटकेस केसाथ घरेलू सामान उपहार में दिए गए। खानपान केबाद बारातियों की बिदाई की गई।
कार्यक्रम में दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को भी आना था लेकिन वह नहीं आ सकीं। कार्यक्रम में न्यायमूर्ति अचल बिहारी श्रीवास्तव, पूर्व महाधिवक्ता वीसी मिश्र, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.एसपी सिंह, बार काउंसिल केपूर्व चेयरमैन इमरान माबूद खान, शालिनी गुप्ता, डॉ.पीके राम, समिति के अध्यक्ष संजय गोस्वामी, श्याम सुंदर सिंह पटेल आदि मौजूद रहे।