आंधी के नौ दिन बाद भी बिजली व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट सकी है। गर्मी और उमस के बीच 50 से अधिक गांव अब भी अंधेरे में डूबे हैं। बिजली आपूर्ति ठप होने से पेयजल संकट गहरा गया है। ग्रामीण जागकर रात काट रहे हैं।
बिजली विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, करनाईपुर, खंसार, थानापुर, फूलपुर और बरेस्ता-प्रतापपुर विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े क्षेत्रों में करीब 1200 खंभे प्रभावित हुए हैं। ऐसे में मरम्मत कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
ऐसे में बरेस्ता-प्रतापपुर फीडर से जुड़े करुआड़ीह, प्रतापपुर, शुक्ला का पूरा, बरेस्ता, लतीफपुर, दुबे का पूरा, गगौर, गडौर और मैलहन आदि गांवों में नौ दिन बाद भी बिजली बहाल नहीं हो सकी है।
क्षतिग्रस्त बिजली व्यवस्था को तेजी से दुरुस्त करने का काम चल रहा है। अगले दो-तीन दिन में अधिकांश क्षेत्रों की आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। यदि किसी कर्मचारी की ओर से अवैध वसूली की शिकायत मिलती है तो जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - उत्सव कुमार, एक्सईएन, गंगापार