इलाहाबाद (ब्यूरो)। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष राम आसरे विश्वकर्मा ने शुक्रवार को सर्किट हाउस में केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में उप निदेशक मंडी, एआर कोआपरेटिव, जिला पंचायत राज अधिकारी समेत 50 विभागों के अधिकारी अनुपस्थित रहे। आयोग अध्यक्ष ने इसे गंभीरता से लेेते हुए सभी अनुपस्थित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब करने के साथ ही जिलाधिकारी के माध्यम से रिपोर्ट भी मांगी है।
आयोग अध्यक्ष ने जिला स्तरीय कार्यालयों, स्थानीय निकायों, प्राधिकरणों व परिषदों में पिछड़ेवर्ग के लोगों के लिए अनुमन्य सरकारी नौकरियों में आरक्षण की स्थिति व कल्याणकारी योजनाओं की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने श्रम विभाग के अधिकारियों से श्रमिकों के रजिस्ट्रेशन व लक्ष्य की जानकारी लेने के साथ ही ब्लाक स्तर पर कैंप लगाकर श्रमिकों के रजिस्ट्रेशन कराने का निेर्देश दिया। बैठक में जिला ग्रामोद्योग अधिकारी ने दो वर्षों में स्वीकृत लोन व जिला पूर्ति अधिकारी ने राशन की दुकानों के आवंटन से संबंधित जानकारी दी।
आयोग अध्यक्ष ने बताया कि पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए इलाहाबाद, लखनऊ व नोएडा में छात्रावास बनाया जाना प्रस्तावित है। जिसके लिए जमीन की तलाश की जा रही है। आइएएस, पीसीएस की तैयारी में जुटे युवाओं को नि:शुल्क कोचिंग देने का भी प्रस्ताव है।
आयोग अध्यक्ष ने बैठक के दौरान जिले के थानों में तैनात पिछड़े वर्ग के थानाध्यक्षों की सूची तलब की। निर्देशित किया कि सभी विभागों में आउटसोर्सिंग के जरिए होने वाली नियुक्तियों में आरक्षण नीतियों का अनुपालन हो रहा है या नही? इसकी निगरानी रखे। बैठक में एडीएम (वित्त एवं राजस्व) रामसहाय यादव, जिला विकास अधिकारी रामउजागिर द्विवेदी, परियोजना निदेशक, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राजेश सिंह, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी सत्येंद्र प्रताप सिंह समेत कई विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।