शहर में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए मंगलवार से शुरू हुए सर्वे अभियान में 44 लोगों में इंफ्लूएंजा के लक्षण मिलें हैं। जबकि 278 क्रानिक बीमारियों से संक्रमित लोगों को चिह्नित किया गया है। सभी की कोरोना की जांच कराई जाएगी। इसके लिए शहर में कैंप लगाया जाएगा।
अभियान के नोडल इंचार्ज डॉ. सत्येंद्र राय ने बताया कि सर्वे के लिए शहर के 80 वार्डों में आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की 424 टीमों को मंगलवार को लगाया गया था। टीम के सदस्य 18088 घरों तक पहुंचकर 75864 लोगों की स्क्रीनिंग की। इसमें 44 लोग इंफ्लूएंजा से संक्रमित पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि सर्वे करने वाली टीम में एक आशा और एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल हैं।
फीवर
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यानी दो सदस्यीय टीम घर-घर पहुंचकर सर्वे कर रही है। टीम को लोगों का विवरण दर्ज करने के लिए एक प्रोफार्मा भी दिया गया है। उसमें इंफ्यूएंजा यानी बुखार, खांसी, जुकाम जैसी बीमारियों के मरीजों का विवरण लिखा जा रहा है। जो लोग चिह्नित कर लिए गए हैं, उनकी कोरोना की जांच कराई जाएगी। इसके लिए शहर की 23 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 69 कैंप लगाए जाएंगे। ये कैंप 25 जून से शुरू होकर 10 जुलाई तक लगेगा।
बुखार
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सर्वे की निगरानी के लिए 87 सुपरवाइजर और 20 जोनल सुपरवाइजर लगाए गए हैं। सीएमओ मेजर डॉ0 जीएस बाजपेई ने कहा कि अभियान के दौरान बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, लंबे समय से उपचार पर चल रहे व्यक्तियों का चिह्निकरण किया गया एवं गर्भवती महिलाओं का अलग विवरण तैयार किया गया। अभियान लगातार 10 जुलाई तक चलेगा।