आयोगों के पुनर्गठन की उलटी गिनती शुरू
अध्यक्ष एवं सदस्यों के न होने से हजारों पदों पर फंसी भर्ती
दावे पर खरा उतरने के लिए दस दिन में करना होगा पुनर्गठन
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड, उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पुनर्गठन की उलटी गिनती शुरू हो गई है। प्रदेश सरकार ने दावा किया था कि 15 जनवरी तक इन तीनों भर्ती संस्थाओं का पुनर्गठन कर दिया जाएगा। अगर सरकार अपने दावे पर खरी उतरती है तो फरवरी में बड़े पैमाने पर भर्ती के रास्ते खुल जाएंगे और साल भर से सरकारी नौकरी के इंतजार में बैठे लाखों अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिलेगी।
प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड, उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को भंग कर दिया गया था। इस दौरान तीनों भर्ती संस्थाओं के अध्यक्षों ने इस्तीफा दे दिया। कुछ सदस्यों को छोड़ दें तो बाकी सभी सदस्यों ने भी इस्तीफा दे दिया। अध्यक्ष एवं सदस्यों के न होने के कारण उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की ओर से अशासकीय कॉलेजों में शिक्षक भर्ती ठप पड़ी हुई है। इसके साथ चयन बोर्ड का पुनर्गठन न होने के कारण बड़े पैमाने पर टीजीटी-पीजीटी भर्ती ठप है। वहीं, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में भी हजारों पदों पर भर्ती प्रक्रिया अटकी हुई है। पिछले माह दिसंबर में माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में कई दिनों तक प्रतियोगियों ने क्रमिक अनशन किया और भर्ती संस्थाओं का तत्काल पुनर्गठन किए जाने की मांग की।
इसके बाद चयन बोर्ड की ओर से अभ्यर्थियों को लिखित आश्वासन दिया गया कि 15 जनवरी तक हर हाल में अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। शासन स्तर से उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग का गठन भी 15 जनवरी तक किए जाने का आश्वासन दिया गया है जबकि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का गठन 10 जनवरी तक करने का दावा किया गया है। ऐसे में अब तीनों भर्ती संस्थाओं के गठन के लिए 10 दिन से भी कम समय रह गया है। अगर सरकार अपने दावे के अनुरूप पुनर्गठन की प्रक्रिया समय से पूरी कर लेती है तो फरवरी से चयन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और भर्ती के रास्ते खुल जाएंगे।
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छात्रों ने सांकेतिक रूप से मांगी भीख
इलाहाबाद। भर्ती प्रक्रिया ठप होने से नाराज प्रतियोगी छात्रों का क्रमिक अनशन लगातार दूसरे दिन शनिवार को भी बालसन चौराहे पर जारी रहा। इस दौरान प्रतियोगियों में बांह पर काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया और हाथ में कटोरा लेकर सांकेतिक रूप से भीख मांगी। प्रतियोगियों ने कहा कि प्रदेश सरकार इसी तरह भर्ती प्रक्रिया ठप रखेगी तो बेरोजगारों को भीख ही मांगनी पड़ेगी। इस दौरान अविनाश विद्यार्थी, उदय प्रकाश यादव, आशीष अतरौलिया, सुनील यादव, राजेश कुमार यादव, रजत तिवारी, अरविंद, विजय यादव, विपिन यादव, संदीप यादव, विनोद त्यागी आदि मौजूद रहे।
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वादाखिलाफी हुई तो 16 को प्रदर्शन
इलाहाबाद। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा आश्वासन दिया था कि 15 जनवरी तक भर्ती संस्थाओं का पुनर्गठन कर दिया जाएगा। शनिवार को युवा मंच की बैठक में प्रतियोगियों ने कहा कि निर्धारित तिथि तक भर्ती संस्थाओं का पुनर्गठन नहीं किया गया तो 16 जनवरी को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया जाएगा। प्रतियोगियों ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि एलटी ग्रेड शिक्षकों के 9342 पदों पर भर्ती के लिए शासन ने न तो पुराना विज्ञापन रद्द किया और न ही नए सिरे से विज्ञापन जारी किया गया। प्रतियोगियों ने कहा कि इस मुद्दे पर भी प्रदर्शन होगा। बैठक में राजेश सचान, उदय सिंह लोधी, अरविंद मौर्या, मोहम्मद जाबिर, रविंद्र पांडेय, राहुल सिंह, नरेंद्र यादव, सिकंदर यादव, अनुराग वर्मा आदि मौजूद रहे।