डेंगू से बचाव के लिए चले अभियान
मंडल के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ने डेंगू से बचाव के लिए हर स्तर पर अभियान चलाने का अफसरों को निर्देश दिया है। उन्होंने इलाज में किसी तरह की लापरवाही न करने तथा प्लेटलेट्स की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। सोमवार को सर्किट हाउस में प्रभारी मंत्री ने खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव तथा श्रम एवं सेवायोजन राज्य मंत्री मनोहर लाल की मौजूदगी में बाढ़ और बारिश से हुए नुकसान की समीक्षा की। इस दौरान डेंगू एवं सड़क में गड्ढों का मुद्दा प्रमुखता से उठा।
मंत्री ने डेंगू से बचाव के लिए किए गए इंतजामों की बिंदुवार समीक्षा की तथा आवश्यक निर्देश दिए। उन्हाेंने गड्ढामुक्त सड़क के किए जा रहे प्रयासों की भी समीक्षा की। मंत्री ने 15 नवंबर तक हर हाल में सड़कों को दुरुस्त किए जाने के निर्देश दिए। इस मौके पर सांसद केशरी देवी पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ.वीके सिंह, महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी, विधायक डॉ. वाचस्पति, पीयूष रंजन निषाद, गुरु प्रसाद मौर्य, राजमणि कोल, मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, डीएम संजय कुमार खत्री, सीडीओ शिपू गिरि आदि मौजूद रहे।
डेंगू से बचाव के लिए महापौर, मंडलायुक्त, डीएम की बनी कमेटी
डेंगू से बचाव के इंतजाम एवं इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा निगरानी के लिए महापौर, मंडलायुक्त तथा डीएम की सीधी जिम्मेदारी तय की गई है। प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ने सोमवार को समीक्षा बैठक में इनकी कमेटी गठित की। इसी क्रम में महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी, मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत तथा डीएम संजय कुमार खत्री ने कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया।
साथ ही बैठक कर जरूरी निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने कहा कि अस्पताल में भर्ती हर मरीज के परिजनों को फोन कर रोजाना दो बार तबीयत के बारे में जानकारी ली जाए। जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने फोन करके कुछ मरीजों से बात भी की। जहां मरीजों की संख्या कम है, उन क्षेत्रों में रक्तदान शिविर के आयोजन का निर्देश दिया। महापौर ने सफाई, फॉगिंग, एंटी लार्वा के छिड़काव आदि के निर्देश दिए। उन्होंने इस बाबत जानकारी भी ली।
प्लेटलेट्स की जमाखोरी पर निरस्त होगा लाइसेंस
प्लेटलेट्स की जमाखोरी करने वाले अस्पतालों के लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। संचालकों के खिलाफ एफआईआर भी लिखाई जाए। मंडलायुक्त ने इस बाबत आदेश देने के साथ जांच कमेटी भी गठित की। यह कमेटी सुनिश्चित करेगी कि कहीं भी प्लेटलेट्स की जमाखोरी न होने पाए। मंडलायुक्त ने फोन कर अस्पतालों में भर्ती मरीजों एवं प्लेटलेट्स की जरूरत की बाबत जानकारी ली लेकिन कई अस्पताल यह सूचना नहीं दे पाए। इस पर नाराजगी जताते हुए सभी तरह की सूचना अपडेट करने के निर्देश दिए।