सोमवार की देर रात और मंगलवार की शाम आए आंधी तथा उसके बाद हुई बारिश ने बिजली आपूर्ति पूरी तरह पटरी से उतार दी। कल देर रात को आई आंधी और उसके बाद हुई बारिश के दौरान हबूसा मोड़ स्थित 132 केवीए पॉवर हाउस से कोटवा उपकेंद्र के लिए आई 33 केवीए लाइन का बिजली का खंभा टूटकर धाराशाई हो गया। इससे कोटवा उपकेंद्र से तकरीबन डेढ़ दर्जन से ज्यादा गांवों में बिजली आपूर्ति तकरीबन 24 घंटे तक ठप्प पड़ी रही। मंगलवार की शाम आंधी और बारिश से झूंसी में भी तकरीबन दो घंटे बिजली आपूर्ति ठप्प रही। इससे लोग परेशान रहे।
सोमवार की रात तेज आंधी के साथ ही कुछ देर बारिश भी हुई थी। इस दौरान कोटवा फीडर के लिए जाने वाली 33 लाइन का पोल तार समेत धाराशाई हो गया। इसके चलते फीडर से जुड़े कोटवा, लीलापुरकला, लीलापुर खुर्द, मलखानपुर, कतवारुपुर, सुदुनीपुरकला,कैथवल, बरईपुर, दलापुर, जमुनीपुर, ककरा, दुबावल, तिवारीपुर, पट्टीबैरिशाल, पालिकरनपुर, निबैयां छिबैया, सुमेरपुर, सुदनीपुर खुर्द, बजहां आदि गांवों में बिजली आपूर्ति ठप पड़ गई। मंगलवार की सुबह फाल्ट की जानकारी होने पर बिजलीकर्मियों ने दूसरा पोल लगाकर 33 केवीए की लाइन शाम तकरीबन पांच बजे दुरूस्त की। उसके बाद बिजलीकर्मियों ने कोटवा उपकेंद्र से निकले 11 केवीए लाइन की पेट्रोलिंग कर जगह-जगह बिजली के तारों पर गिरे पेड़ों की डाल को हटाया। देर शाम तक बिजली आपूर्त बहाल नहीं की जा सकी थी। बिजली आपूर्ति ठप्प होने से कोटवा एवं ककरा गांव के जल निगम की टंकी न लोड होने से जलापूर्ति भी नहीं हो पाई। इससे पानी के लिए ग्रामीणों में हाहाकार मचा रहा। पानी के लिए गांव के हैंडपंप और कुंओं पर ग्रामीणों की भीड़ रही। झूंसी में शाम से गुल हुई बत्ती देर रात तक ठप्प रही।