अर्द्धकुंभ में श्रद्धालुओं के लिए होगी बेहतर सुविधा
0 अंत्योदय मेला में आखिरी दिन प्रभारी मंत्री ने सरकार की योजनाओं पर डाला प्रकाश
इलाहाबाद। सूचना विभाग की ओर से आयोजित तीन दिनी अंत्योदय मेला के समापन कार्यक्रम में शनिवार को जिला के प्रभारी और प्राविधिक शिक्षा एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने सरकार की प्राथमिकताएं गिनाईं। उन्होंने कहा कि अर्द्धकुंभ-2019 भव्य आयोजन होगा। श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधा पर ज्यादा जोर होगा। एक सवाल के जवाब में उन्हाेंने कहा कि कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने वाले सभी अपराधी जेल में जाएंगे।
उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र में संपन्न कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री ने जनधन खाता, ऋण मोचन, प्रधानमंत्री आवास समेत केंद्र और प्रदेश सरकार की अन्य योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने पं. दीनदयाल उपाध्याय के व्यक्तित्व और उनके सिद्धांतों पर भी विस्तार से चर्चा की। कहा कि सरकार उनके सिद्धांतों पर अमल करते हुए अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के हित में कार्यक्रम चला रही है। सांसद श्यामा चरण गुप्त ने कहा कि वंचितों को समाज की मुख्य धारा में जोड़ने का कार्य सरकार कर रही है। सरकार कोई धर्म या जाति देखकर नही बल्कि, व्यक्ति को देखकर उसका उत्थान कर रही है। मंडलायुक्त डॉ. आशीष कुमार गोयल, डीएम संजय कुमार ने भी योजनाओं और उसकी प्रगति के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम को पूर्व मंत्री डॉ. नरेंद्र सिंह गौर, पूर्व विधायक प्रभाशंकर पाण्डेय आदि ने संबोधित किया। उप निदेशक सूचना डॉ. संजय राय ने अंत्योदय योजना और आयोजन के बारे में बताया। संचालन डॉ. रंजना त्रिपाठी ने किया। कार्यक्रम में विधायक हर्षवर्धन बाजपेई, प्रवीण पटेल, सीडीओ सैमुअल पाल एन. भाजपा अध्यक्ष अमरनाथ तिवारी, शिवदत्त पटेल, प्रभारी अपर जिला सूचना अधिकारी धर्मवीर खरे, राजेश राय आदि शामिल रहे।
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शुरू हुआ स्वच्छता कार्यक्रम
0 प्रभारी मंत्री ने मम्फोर्डगंज मलिन बस्ती में हरी झंडी दिखाकर स्वच्छता अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने लोगों को डस्टबिन भी बांटे। उन्होंने लोगों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।
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कर्जमाफी का दूसरा चरण 27 से
0 ऋण मोचन योजना के अंतर्गत दूसरे चरण में प्रमाण वितरण कार्यक्रम 27 सितंबर को शुरू होगा। जिले में 13149 किसानों का चयन हुआ है। इनके 75.07 करोड़ रुपये माफ होंगे। पहले चरण में 13156 किसानों के 74.56 करोड़ रुपये माफ हुए थे।