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गौसनगर के 3000 घरों पर संकट

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गौसनगर के 3000 मकान गिराए जाएंगे
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नगर निगम कार्यकारिणी की बजट बैठक में निर्णय, ससुर खदेरी नदी का स्वरूप बहाल करने के लिए होगा ध्वस्तीकरण, चिह्नीकरण
किराया वसूली पर जोर, गृहकर की विसंगतियां दूर होंगी, हरी-भरी से काम न कराने पर रही एकजुटता
प्रयागराज। नगर निगम कार्यकारिणी ने करेली के गौसनगर में ससुर खदेरी नदी का पुराना स्वरूप बहाल करने का निर्णय लिया है। इसके तहत नदी पाटकर बनाए गए करीब 3000 घरों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी की जाएगी। इससे पहले विशेष टीम चिह्नीकरण करेगी। वहीं, विभिन्न क्षेत्रों में नगर निगम की जमीन पर बने मकानों से किराया भी वसूल किया जाएगा। कार्यकारिणी की बजट बैठक में गृहकर की विसंगतियां दूर करने पर सहमति बनी। वहीं, प्रमुख सचिव के निर्देश के बाद भी हरी भरी से सफाई, कूड़ा कलेक्शन का काम न कराने पर सदस्य एकजुट रहे। देर शाम सात अरब से अधिक के आय व्यय का प्रस्तावित पुनरीक्षित बजट पास किया गया। इसे सदन में रखा जाएगा।
नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में सोमवार को जनहित के मुद्दों पर सदस्यों ने खुलकर चर्चा करते हुए गृहकर का मुद्दा जोरदारी से उठाया। अध्यक्षता करते हुए महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने इस बारे में नगर आयुक्त और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी से जवाब मांगा। सदस्यों को बताया गया कि विसंगतियां दूर करने को प्रस्तावित दरों का परीक्षण किया जा रहा है। भारद्वाज पार्क, गोबर गली समेत दो क्षेत्रों में त्रुटियां मिली हैं, उन्हें दूर किया जाएगा। सदस्यों ने 100 से 120 वर्गफीट की एक दुकान वाले भवनों का गृहकर सामान्य रखने का प्रस्ताव भी दिया, जिस पर सदन निर्णय लेगा।
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वरिष्ठ पार्षद कमलेश सिंह ने नगर निगम के बैंक खातों का ब्यौरा मांगा। विवरण आने पर पता चला कि निगम के विभिन्न खातों में ब्याज या अन्य मदों में कई करोड़ रुपये जमा हैं। महापौर ने नियमानुसार इस धनराशि का जनहित में उपयोग करने का निर्देश दिया। बैठक में उपाध्यक्ष ओपी द्विवेदी, सत्येंद्र चोपड़ा, अशोक सिंह, शिव कुमार, मिथिलेश सिंह, नीलम यादव, सुनीता श्रीवास्तव, अनिल कुशवाहा, जिया उबैद, अनीस अहमद आदि मौजूद रहे।
नगर निगम ही कराए सफाई कार्य, कूड़ा प्रबंधन
कार्यकारिणी सदस्यों ने एकमत होकर नगर निगम सदन के उस निर्णय पर अमल करने पर जोर दिया, जिसमें हरी भरी से काम न कराने का निर्णय लिया गया था। महापौर ने बताया कि सदन और कार्यकारिणी के निर्णय से शासन को अवगत कराया जाएगा। हरी भरी को थोपने के बजाए किसी दूसरी कंपनी की स्वीकार्यता होगी। इस अवधि में नगर निगम कर्मचारियों से ही सफाई कार्य, कूड़ा प्रबंधन और बसवार प्लांट संचालन कराने पर सहमति बनी।
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ब्लैक लिस्ट ठेकेदार, खाते में जाएगी पूरी रकम
आउसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों का शोषण करने वाले वाले चारों ठेकेदारों को नगर निगम कार्यकारिणी ने ब्लैक लिस्ट करने का निर्णय लिया है। महापौर ने सदस्यों को बताया कि अब डूडा से ही आउसोर्सिंग सफाई कर्मचारी रखे जाएंगे। मानदेय 6800 नहीं बल्कि ईपीएफ, ईएसआई की नियमानुसार कटौती कर आठ हजार से अधिक का तय मानदेय दिया जाएगा। रकम सीधे खाते में जाएगी। इस मद में डूडा का दो फीसदी पर्यवेक्षण शुल्क भी नहीं लिया जाएगा।
कार्यकारिणी बैठक में महत्वपूर्ण अनुमोदन
अचल संपत्तियों के लेखों पर स्टांप शुल्क से आय पांच करोड़ घटाई।
नजूल भूमि के किराया से आय 20 लाख घटाई।
गृहों, भवनों, तथा दुकानों आदि के किराया से आय 20 लाख बढ़ाई।
पंजीयन शुल्क से स्वास्थ्य विभाग की आय 25 से बढ़ाकर 55 लाख की गई।
अमृत योजना में व्यय 20 करोड़ से घटा कर 10 करोड़ किया गया।
14 वें वित्त आयोग से प्राप्त अनुदान पर व्यय 80 से घटा कर 65 करोड़ किया गया।
स्वच्छ भारत मिशन योजना पर व्यय 80 करोड़ से घटा कर 59 करोड़ 54 लाख किया गया।
नगर निगम की गाड़ियों के लिए डीजल एवं पेट्रोल के क्रय पर आठ करोड़ से बढ़ाकर आठ करोड़ 50 लाख किया गया।
आउटसोर्सिंग आवारा पशु गैंग पर व्यय 32 लाख से बढ़ाकर 40 लाख किया गया।
एसीपी सातवें वेतन आयोग के भत्तों की अन्य देयता पर व्यय नौ से बढ़ाकर 14 लाख किया गया।
विज्ञापन व्यय 40 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ 75 लाख किया गया।
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