जिले में सात वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण कर चुके 281 उप निरीक्षकों (दरोगाओं) का तबादला कर दिया गया है। स्थानांतरण सूची पुलिस मुख्यालय से जारी की गई है। इसमें यह भी कहा गया है कि संबंधित दरोगाओं को 10 दिन के भीतर कार्यमुक्त कर दिया जाए। इन 281 में से 138 दरोगा ऐसे हैं, जिनका तबादला पिछले वर्ष ही कर दिया गया था। हालांकि, उन्हें समय पर कार्यमुक्त नहीं किया गया। विभागीय लापरवाही या प्रशासनिक कारणों से उनके तबादला आदेश पर अमल नहीं हो सका है।
अब पुलिस मुख्यालय ने उनके पिछले तबादला आदेश को निरस्त करते हुए नए सिरे से उनके तैनाती आदेश जारी कर दिए हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, तबादला नीति के तहत जनपद में सात साल से अधिक समय से तैनात दरोगाओं का तबादला किया जाता है। पुलिस मुख्यालय में तैनात डीआईजी कार्मिक की ओर से अपर पुलिस अधीक्षक स्थापना राहुल मिश्रा ने यह तबादला आदेश जारी किया है।
कई थाना-चौकी प्रभारी पद पर भी तैनात
जिन दरोगाओं का तबादला किया गया है, उनमें से कई थाना या चौकी प्रभारी के पद पर भी तैनात हैं। इनमें उतरांव, पूरामुफ्ती, लालापुर, सरायममरेज आदि थानों व अन्य कई चौकियों के प्रभारी शामिल हैं। विभिन्न कारणों से इन्हें पूर्व में स्थानांतरित होने के बाद भी कार्यमुक्त नहीं किया जा सका।
जल्द हो सकता है बड़े पैमाने पर बदलाव
दराेगाओं के तबादला आदेश के बाद अब यह भी माना जा रहा है कि जनपदीय पुलिस में बड़े पैमाने पर जल्द बड़ा बदलाव हो सकता है। दरअसल, निर्धारित समयावधि के भीतर दरोगाओं के कार्यमुक्त होने की स्थिति में कई थानों व चौकियों पर प्रभारी का पद रिक्त हो सकता है। ऐसे में इन स्थानों पर नई तैनाती का आदेश जल्द ही जारी हो सकता है।
दो साल से जमे थानेदार
जनपद में कई ऐसे थाने हैं, जिनमें थानेदार दो साल से ज्यादा समय से जमे हुए हैं। शहर से लेकर देहात तक के थाने इसमें शामिल हैं। लालापुर, उतरांव, सरायममरेज, खीरी, मेजा, शंकरगढ़, खुल्दाबाद, कैंट, पूरामुफ्ती, मुट्ठीगंज, थरवई कुछ ऐसे ही थाने हैं। इन थानों में एक साल से लेकर दो साल तक के प्रभारी तैनात हैं।