फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Waqf Bill : संगमनगरी में अरबों की 264 संपत्तियां, ऐतिहासिक आजाद पार्क पर भी बोर्ड कर चुका है दावा

Thu, 03 Apr 2025 01:35 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

संगमनगरी में अरबों रुपये की वक्फ संपत्तियां वक्फ बोर्ड के अधिपत्य में हैं । वक्फ बोर्ड ऐतिहासिक चंद्रशेखर आजाद पार्क पर भी अपना दावा कर चुका है। हालांकि वक्फ संशोधन विधेयक आने के बाद इस तरह की संपत्तियों के मुक्त होने का रास्ता साफ हो सकता है।
विज्ञापन
संगम। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

संगमनगरी में अरबों रुपये की वक्फ संपत्तियां वक्फ बोर्ड के अधिपत्य में हैं । वक्फ बोर्ड ऐतिहासिक चंद्रशेखर आजाद पार्क पर भी अपना दावा कर चुका है। हालांकि वक्फ संशोधन विधेयक आने के बाद इस तरह की संपत्तियों के मुक्त होने का रास्ता साफ हो सकता है। संसद में विधेयक पेश करते समय गृह मंत्री ने भी आजाद पार्क को वक्फ संपत्ति के रूप में दिए जाने की जानकारी तो अतीत के पन्ने खंगाले जाने लगे।

विज्ञापन


जिले में कुल 264 वक्फ संपत्तियां हैं। इनमें से कुछ अतीक अहमद जैसे माफिया का कब्जा रहा है, और कुछ पर अवैध निर्माण भी हुए हैं। शहर में वक्फ की कई संपत्तियों पर अतीक अहमद और उसके गुर्गों का अवैध कब्जा रहा है। इसमें इमामबाड़े और अन्य धार्मिक स्थल शामिल हैं। इसकी कईबार शिकायत भी हुई, लेकिन उन संपत्तियों को कब्जामुक्त नहीं कराया जा सका । वक्फ की जमीन पर अवैध निर्माण भी खूब हुए हैं। इसमें शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और बंगलों का निर्माण शामिल है। ऐसे कुछ अवैध निर्माणों को बुलडोजर से गिराया भी जा चुका है। इतना ही नहीं वक्फ की जमीनों को लीज पर देकर करोड़ों रुपये की काली कमाई भी की जाती रही है।

बमरौली में वक्फ संपत्ति को लीज पर देने और सल्लाहपुर में दो संपत्तियों को अवैध रूप से लीज पर देने की रिपोर्ट बोर्ड को भेजी जा चुकी है, लेकिन इस पर कार्रवाई का नतीजा अब तक सिफर ही रहा है। वक्फ एक्ट 1995 के अनुसार अगर कोई संपत्ति किसी भी उद्देश्य के लिए मुस्लिम कानून के मुताबिक पाक , मजहबी या परोपरकारी मान ली जाए तो वह वक्फ की संपत्ति हो जाएगी। इसी तरह चंद्रशेखर आजाद पार्क में एक मस्जिद और मजारों का निर्माण कराए जाने के बाद वक्फ बोर्ड इस ऐतिहासिक पार्क पर अपना दावा जता चुका है।
विज्ञापन


वक्फ बोर्ड का दावा है कि पार्क परिसर में मस्जिद दो सौ साल पुरानी है। ऐसे में वह संपत्ति वक्फ की है। इसके खिलाफ सामाजिक कार्यकर्ता जितेंद्र सिंह ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका भी दाखिल की है। इस याचिका पर कोर्ट पार्क में अवैध रूप से निर्मित मस्जिद और मजार को हटाने का आदेश भी दे चुका है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें