डिप्टी सीएम द्वारा दो चिकित्सकों को बर्खास्त किये जाने के बाद, कई डॉक्टरों में नाराजगी बनी हुई है। नाम न बताने की शर्त पर कुछ डॉक्टरों ने कहा कि जब चिकित्सक ने अपना त्यागपत्र पहले ही दे दिया है, तो उसे बर्खास्त क्यों किया गया। फिलहाल उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने जिस तरह से दो महीनों में दो चिकित्सकों को बर्खास्त किया है, उससे स्वास्थ्य विभाग में हलचल जरूर पैदा हो गई है। अब तो यही सवाल उठ रहे हैं कि अब किसकी बारी है।
त्यागपत्र देने के कई मानक होते हैं। इस प्रकार के त्यागपत्र मान्य नहीं किये जाते हैं। वर्तमान में 22 ऐसे चिकित्सक हैं, जो बिना किसी सूचना के लंबे समय से अनुपस्थित हैं। -डॉ. आशु पांडे, मुख्य चिकित्साधिकारी