रामबाग फ्लाईओवर के नीचे का रास्ता तीन माह में खोलने का आदेश
रेलवे और एडीए से हाईकोर्ट ने मांगा जवाब, जानकारी न देने पर कोर्ट में होना पड़ेगा हाजिर
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने उत्तर पूर्व रेलवे और इलाहाबाद विकास प्राधिकरण को आदेश दिया है कि रामबाग फ्लाईओवर के नीचे का रास्ता तीन माह में तैयार कर लिया जाए ताकि इसे आम जनता के आवागमन के लिए खोला जा सके। रास्ता बन होने से पैदल चलने और साइकिल तथा रिक्शा चालकों को काफी कठिनाई का सामने करना पड़ता है। इसे लेकर पूर्व पार्षद भारत लाल अनुरागी ने कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है।
याचिका पर न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल और न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की पीठ ने सुनवाई की। याची का कहना था कि फ्लाईओवर निर्माण के बाद नीचे का रास्ता बंद कर दिया गया है। इससे आम लोगों को काफी परेशानी हो रही है। पैदल चलने वालों, रिक्शा और साइकिल चालकों को फ्लाईओवर चढ़ने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहां रास्ते का निर्माण होना है मगर पिछले तीन माह से कार्य में कोई प्रगति नहीं हुई है।
रेलवे के अधिवक्ता का कहना था कि रेलवे की यह नीति है जब कोई प्लेटफार्म या इस जैसा दूसरा निर्माण होता है तो डीएम की अनुमति लेकर रास्ता बंद कर दिया जाता है। इस मामले में भी रेलवे ने डीएम से अनुमति लेकर रास्ता बंद किया है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद रेलवे को निर्देश दिया है कि फ्लाईओवर के नीचे की सड़क तीन माह में बना दी जाए तथा इसकी अनुपालन रिपोर्ट अगली सुनवाई पर पेश की जाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि अगली सुनवाई पर प्रगति रिपोर्ट दाखिल नहीं होती है तो उत्तर पूर्व रेलवे के डिप्टी जनरल मैनेजर और एडीए के सचिव कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से हाजिर हों।