शिक्षक पुरस्कार प्रदान किए जाने के लिए ‘उत्तर प्रदेश राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार नियमावली-2015’ में बदलाव होने जा रहा है। इसके लिए शासन ने उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. प्रीति गौतम की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन कर दिया है। यह कमेटी नियमावली में संशोधन, परिवर्तन एवं परिवर्धन पर विचार करते हुए एक रिपोर्ट तैयार कर शासन को सौंपेगी और उसी रिपोर्ट के आधार नियमावली में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।
इस नियमावली के तहत शिक्षकों को राज्य स्तरीय दो प्रकार के पुरस्कार दिए जाते हैं। इनमें सरस्वती सम्मान एवं शिक्षक श्री सम्मान शामिल हैं। सरस्वती सम्मान हर साल तीन शिक्षकों को दिया जाता है, जिनमें तीन-तीन लाख रुपये की धनराशि पुरस्कार स्वरूप दी जाती है। वहीं, शिक्षक श्री सम्मान छह शिक्षकों को दिया जाता है और इसके तहत उन्हें डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की धनराशि प्रदान की जाती है।
इसके अलावा दोनों पुरस्कारों के तहत शिक्षकों को दो वर्ष का सेवा विस्तार भी दिया जाता है। अब इस नियमावली में बदलाव होने जा रहा है। शासन की ओर से गठित कमेटी नियमावली में संशोधन पर विचार करेगी। साथ ही कुछ बदलाव और नई शर्तों को जोड़ने पर भी विचार करेगी। इसके लिए कमेटी की अध्यक्ष एवं उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. प्रीति गौतम के नेतृत्व में कमेटी के सदस्य बैठक करेंगे। कमेटी को अपनी रिपोर्ट 31 नवंबर तक उच्च शिक्षा निदेशक को सौंपनी है।
इसके बाद उच्च शिक्षा निदेशक के माध्यम से 25 दिसंबर तक रिपोर्ट शासन को प्रेषित कर दी जाएगी। अपर सचिव राज्य उच्च शिक्षा परिषद डॉ. आईके चतुर्वेदी को संयोजक, अवकाश प्राप्त एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. एके सक्सेना को सलाहकार और संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा निदेशालय डॉ. दिलीप कपूर, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी वाराणसी डॉ. ज्ञान प्रकाश वर्मा, भौतिक विज्ञान विभाग लखनऊ विश्वविद्यालय के डॉ. राजीव मनोहर, हेमवती नंदन बहुगुणा राजकीय पीजी कॉलेज नैनी की डॉ. नीतू सिंह, डॉ. सुवर्णा सरकार, डॉ. इंदु प्रकाश सिंह, राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय बादलपुर गौतमबुद्धनगर के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा, राजकीय महिला स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय अंबारी आजमगढ़ के डॉ. जय सिंह एवं उच्च शिक्षा निदेशालय के सांख्यिकी शोध अधिकारी डॉ. सुनील कुमार श्रीवास्तव को कमेटी का सदस्य नामित किया गया है।