बार-बेंच ने चीफ जस्टिस भोसले को दी भावभीनी विदाई
0 इलाहाबाद हाईकोर्ट में मिला अनुभव अभूतपूर्व: जस्टिस भोसले
0 बार ने भी विदाई समारोह का आयोजन कर किया सम्मानित
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दिलीप बाबा साहेब भोसले के मंगलवार को सेवानिवृत्त होने पर बार और बेंच ने भावभीनी विदाई दी। मुख्य न्यायाधीश कक्ष में आयोजित फुलकोर्ट रेफरेंस में वरिष्ठ न्यायमूर्ति गोविंद माथुर ने जस्टिस भोसले के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। अन्य वक्ताओं ने भी जस्टिस भोसले के कार्यकाल को सराहा।
फुलकोर्ट रेफरेंस अपरान्ह सवा तीन बजे प्रारंभ हुआ। परंपरा के अनुसार रेफरेंस में वरिष्ठ न्यायमूर्ति गोविंद माथुर ने मुख्य न्यायाधीश के जीवन और कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जस्टिस भोसले का विधि के क्षेत्र में सराहनीय योगदान रहा है। उनमें सबको साथ लेकर चलने की अद्भुत क्षमता है जिससे हम सभी लोग लाभान्वित हुए हैं। उनके ऐसे कई गुण हैं, जिनसे सीख लेकर हम भविष्य में आगे बढ़ने की कोशिश करें। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान जस्टिस भोसले द्वारा दिए न्यायिक निर्णयों का भी उल्लेख किया। इस अवसर पर जस्टिस भोसले ने कहा कि मैंने यहां इलाहाबाद हाईकोर्ट की गौरवशाली परंपरा का अनुभव किया है। यहां के वकीलों में अभूतपूर्व क्षमता है। जूनियर वकीलों में भी काम के प्रति लगाव और कानून की व्याख्या करने की क्षमता है। जस्टिस भोसले ने कहा कि अपने दो वर्ष तीन माह के कार्यकाल में मैंने जो भी निर्णय दिए वह मेरे अकेले के लिए संभव नहीं था यदि बेंच के सहयोगी जजों और यहां के अनुभवी वकीलों का सहयोग नहीं होता।
रेफरेंस में हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष आईके चतुर्वेदी, एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एडी सांडर्स, महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह, केंद्र सरकार के असिस्टेंट अटार्नी जनरल ज्ञान प्रकाश आदि ने संबोधित किया। विदाई समारोह में हाईकोर्ट के सभी न्यायमूर्तिगण, वरिष्ठ अधिवक्ता, अधिवक्ता, प्रशासन और पुलिस के अधिकारी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
हाईकोर्ट बार ने किया सम्मानित
प्रयागराज। मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले के सेवानिवृत्त होने के मौके पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा विदाई समारोह का आयोजन लाइब्रेरी हॉल में दिन में डेढ़ बजे किया गया। समारोह में जस्टिस भोसले के अलावा वरिष्ठ न्यायमूर्ति गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति एपी साही भी शामिल हुए। बार के अध्यक्ष आईके चतुर्वेदी और महासचिव एसी तिवारी सहित अन्य सदस्यों ने न्यायाधीशों को स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्रम् भेंट कर सम्मानित किया। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि बार से उनको अपार स्नेह प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम को जस्टिस एपी साही और जस्टिस गोविंद माथुर ने भी संबोधित किया। अध्यक्ष आईके चतुर्वेदी ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश का स्नेह और सहयोग एक अभिभावक के रूप में बार को प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का संचालन संयुक्त सचिव प्रशासन प्रशांत सिंह ने किया।
कर्मचारियों ने दी विदाई
प्रयागराज। हाईकोर्ट कर्मचारी अधिकारी संघ की ओर से मुख्य न्यायाधीश का विदाई समारोह आयोजित किया गया। संघ के अध्यक्ष न्यायमूर्ति वीके नारायण ने समारोह की अध्यक्षता की। संघ ने मुख्य न्यायाधीश द्वारा कर्मचारी हित में किए गए कार्यों की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार जताया। विदाई समोह में न्यायमूर्ति गोविंद माथुर, एपी साही, पकंज मित्तल, शशिकांत गुप्ता, प्रीतांकर दिवाकर, महानिबंधक फैज आलम के अलावा संघ के महासचिव बृजेश तिवारी, कमलेश सिंह, विजयानंद द्विवेदी, अभिषेक श्रीवास्तव, अनुपम शुक्ला और कार्यकारिणी के सदस्य मौजूद थे। संचालन बृजेश शुक्ल ने किया।
सख्त फैसलों के लिए याद किए जाएंगे चीफ जस्टिस भोसले
0 शुआट्स मामले में दिखाई सख्ती, अतीक अहमद गए जेल
0 देवरिया शेल्टर होम कांड सहित कई आपराधिक घटनाओं पर दिए आदेश
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीबी भोसले का कार्यकाल माफिया और अपराधियों को लेकर उनके द्वारा दिए सख्त फैसलों के लिए याद रखा जाएगा। जस्टिस भोसले ने शुआट्स परिसर में हमला करने पर पूर्व सांसद अतीक अहमद को लेकर काफी सख्त निर्देश दिए जिसकी बदौलत उनको जेल जाना पड़ा।
देवरिया शेल्टर होमकांड, शिवकुटी के रिटायर्ड दरोगा हत्याकांड सरीखे कई बड़े मामलों में उन्होंने स्वत: संज्ञान लेते हुए कड़े आदेश पारित किए, जिसकी बदौलत अपराधी आज जेल की सलाखों के पीछे हैं। देवरिया शेल्टर होम में पीड़ित लड़कियों की सुरक्षा के लिए उन्होंने कड़े कदम उठाने का निर्देश दिया। मथुरा में दंपत्ति हत्याकांड में अनाथ हुए बच्चों को संरक्षण देने के मामले में जस्टिस भोसले ने अपनी न्यायिक संवेदनशीलता का परिचय दिया। कुंभ मेले के दौरान ध्वस्तीकरण के खिलाफ दाखिल होने वाली याचिकाओं को खारिज कर उन्होंने मार्गों के चौड़ीकरण का रास्ता साफ किया तो बम्हरौली एयरपोर्ट के लिए रास्ता छोटा करने हेतु सूबेदारगंज में आरओबी के निर्माण का विकल्प भी सुझाया। इस पर अब काम हो रहा है।
गाजियाबाद एयरफोर्स बाम्बिंग रेंज पर जस्टिस भोसले का निर्णय दूरगामी रहा तो माफिया पर कार्रवाई का निर्देश देने के साथ ही सीआरपीसी के प्रावधानों की उन्होंने नए सिरे से व्याख्या की। पुलिस को अपराधियों की जमानतें निरस्त कराने और जमानतों का कड़ा विरोध करने की हिदायत दी।
जस्टिस गोविंद माथुर बने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीबी भोसले की सेवानिवृत्ति के बाद कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश का प्रभार हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायमूर्ति गोविंद माथुर को सौंपा गया है। भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में जस्टिस माथुर को मुख्य न्यायाधीश कार्यालय के दायित्वों का निवर्हन करने के लिए कहा गया है। जस्टिस गोविंद माथुर दो सितंबर 2004 को राजस्थान हाईकोर्ट में न्यायाधीश नियुक्त किए गए। 21 नवंबर 2017 को उनको इलाहाबाद हाईकोर्ट स्थानांतरित किया गया। वर्तमान में वह इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायमूर्ति हैं।