गंगा प्रदूषण का काम, सड़कों का हाल खराब
- जहां बिछाई सीवर लाइन वहां धंसी सड़कें , हर तरफ गड्ढे ही गड्ढे, मिट्टी फैलने से कीचड़
-चोक सीवर चैंबर ओवर फ्लो, मानकों में अनदेखी शहरियों पर पड़ रही भारी
इलाहाबाद। गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की ओर से अनियोजित तरीके से कराए गए काम ने शहर भर में सड़कों का काम तमाम कर दिया है। मानक के विपरीत किया गया काम शहरियों पर भारी पड़ रहा है। जहां-जहां सीवर लाइन बिछाने का काम किया गया वहां तीन घंटे की बारिश में सड़कें धंस गईं। कहीं मिट्टी फैलने से कीचड़ तो कहीं बड़े-बड़े गड्ढे दुर्घटना का कारण बने हैं। कई बार निर्देश के बाद भी सड़कों और गलियों की पूर्व स्थिति बहाल करने में लापरवाही बरती जा रही है।
शहर के अल्लापुर, शिवकुटी, राजरूपपुर, कालिंदीपुरम, जीरोरोड, मुंडेरा समेत अन्य क्षेत्रों में गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई सीवरेज लाइन विस्तार और नई लाइन बिछाने का काम कराया। अनियोजित तरीके से कराए जा रहे कार्य की वजह से शहर के ज्यादातर हिस्से बदहाल हैं। अधिकतर इलाकों मे सड़कें धंसी हैं। अशोक नगर, पत्रकार कॉलोनी, राजरूपपुर, कालिंदीपुरम, कटघर, बलुआघाट, शिवकुटी आदि क्षेत्रों में कनेक्शन देने के लिए खोदी गई सड़कें मुसीबत बनी हैं। हाल यह है कि सीवर चैंबर ओवर फ्लो हैं, गंदा पानी लोगों के घरों में घुस रहा है। जहां काम पहले हो चुका है वहा सीवर कनेक्शन देने के नाम पर खोदी गई बनी बनाई सड़कें खतरनाक हो गई हैं।
अल्लापुर में मटियारा रोड पर मद्रास होटल के पास गहरी खोदाई स्थानीय लोगों के साथ राहगीरों के लिए बड़ा खतरा है। यहां चारों तरफ मिट्टी फैली है और गहरे गड्ढे में पानी भरने से स्थिति भयावह हो गई है। जीरो रोड, खुसरोबाग से खुल्दाबाद मार्ग, लूकरगंज, बेनीगंज समेत अन्य मोहल्लों मे सड़कें धंसने से गड्ढे परेशानी का कारण हैं। अल्लापुर में तो बृहस्पतिवार को गिट्टियां डाली गईं लेकिन अन्य इलाकों में कोई झांकने तक नहीं गया। यही हाल रहा और एक दो दिन लगातार बारिश हो गई तो किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता।
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अफसरों का नहीं कार्यदायी संस्थाओं पर जोर, पेटी कांट्रैक्टर कर रहे काम
नगर निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष रतन दीक्षित ने आरोप लगाया है कि जलनिगम और गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अफसरों का कार्यदायी संस्थाओं पर जोर नहीं चल रहा है। विभाग ने बिना किसी पर्यवेक्षण के नियमों की अनदेखी कर पेटी कांट्रैक्टरों काम करा रहा है। मुख्य अभियंता जीसी दुबे कहें या इकाई के जीएम पीके अग्रवाल कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि सुनवाई ही नहीं करते, इसका खामियाजा शहरी भुगत रहे हैं।
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जिन इलाकों में सीवरेज के काम कराए गए हैं, वहां का टीम लगाकर निरीक्षण कराया जा रहा है। जहां सड़कें धंसी हैं, वहां गड्ढों में गिट्टी-बालू डाली जा रही है। प्रयास है कि अल्लापुर समेत अन्य इलाकों में लोगों को दिक्कत न हो। इसकी शिकायत नगर निगम या इकाई के अफसरों से की जा सकती है, त्वरित कार्रवाई कराई जाएगी।
पीके अग्रवाल, जीएम गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई
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जरूरी-------------------
नहीं जागे सेतु निगम के अफसर, लूकरगंज की डगर कठिन
पानी टंकी आरओबी के पास पिच रोड खतरनाक
इलाहाबाद। सेतु निगम के अफसर शहरियों की सुविधाओं के प्रति संवेदनशील नहीं हैं। एक महीने से अधिक हो गए, लूकरगंज आने जाने के लिए पिच रोड बनाने का काम कराने को विभाग के अफसर नहीं जागे। पानी टंकी आरओबी के खुसरोबाग छोर से अग्रसेन कॉलेज तक अस्थायी मार्ग ऊबड़खाबड़ और खाई जैसा है। यहां बुधवार रात सैकड़ों वाहन फंसे, सुबह तक लोगों का आना जाना बाधित रहा। इस खतरनाक पिच रोड से रोज हजारों लोगों का आना जाना मजबूरी बन गया है।
सेतु निगम के मुख्य परियोजना निदेशक सतीश कुमार ने लूकरगंज के लोगों की शिकायत पर दस दिन में पिच रोड दुरुस्त कराने का भरोसा दिलाया था। एक महीने से अधिक बीत गए। इस बीच दो बार विभागीय अफसरों ने स्थलीय निरीक्षण किया लेकिन काम जहां का तहां अटका है। हाल यह है कि अस्थायी पिच रोड के अग्रसेन कॉलेज के छोर पर दस मीटर कच्ची सड़क गड्ढे में है। सात फीट से अधिक की गहराई पानी भरने के बाद खतरनाक हो जाती है। बुधवार शाम से बृहस्पतिवार सुबह तक लोगों का यहां से आना जाना बंद रहा। हजारों लोग शहर से कटे रहे। कई वाहन भी फंसे, जिस पर बैठे लोगों को किसी तरह बाहर निकाला गया। संवेदनहीन अफसरों का हाल यह है कि लोगों के फोन तक रिसीव नहीं करते। अब लोगों ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री डिप्टी सीएम से करने का निर्णय लिया है। इससे पहले कमिश्नर को परेशानी बताई जाएगी।