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आ जाएं नहीं, अब बच्चे बोलेंगे मे आई कमिन

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‘आ जाएं’ नहीं, अब बच्चे बोलेंगे ‘मे आई कम इन’
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0 जिले के 105 परिषदीय विद्यालयों में अप्रैल से अंग्रेजी में पढ़ाई करेंगे विद्यार्थी
0 खंड शिक्षा अधिकारियों से 21 ब्लाकों से मांगी गई रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
जिले के परिषदीय विद्यालयों में अप्रैल से शुरू होने वाले शैक्षिक सत्र में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई कराने की योजना पर काम प्रारंभ हो गया है। इसके लिए प्रत्येक ब्लाक से पांच-पांच विद्यालयों का चयन किया जा रहा है। यह विद्यालय ऐसे होंगे, जहां छात्र-छात्राओं की संख्या अधिक हो और अवस्थापना सुविधाएं भी बेहतर हों। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इन विद्यालयों के चयन का जिम्मा खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को सौंपा है। चयन में मुख्य सड़कों से लगे विद्यालय को प्राथमिकता देेने के लिए कहा गया है। इनमें वही शिक्षक पढ़ा सकेंगे, जिनका इंटरमीडिएट में अंग्रेजी विषय अनिवार्य रूप से रहा हो या फिर उन्होंने कॉन्वेंट स्कूल से शिक्षा ग्रहण की हो।
प्रदेश सरकार ने कॉन्वेंट स्कूलों से मुकाबला करने के लिए परिषदीय विद्यालयों से अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई कराने की योजना बनाई है। ताकि कॉन्वेंट स्कूलों की तरह इन विद्यालयों के छात्र-छात्राएं भी चौथी-पांचवीं कक्षा में पहुंचने तक अंग्रेजी ठीक से समझने लगे और अंग्रेजी में बात भी करें। बीएसए संजय कुशवाहा के मुताबिक जिले के कुल 21 ब्लाकों में 105 विद्यालयों का चयन अंग्रेजी माध्यम के लिए होना है। बीईओ से इन विद्यालयों की रिपोर्ट मांगी गई हैं और उनसे कहा गया है कि इसके लिए ऐसे परिषदीय विद्यालयों का चयन करें, जो सड़क के किनारे हों। ताकि शिक्षक वहां जाने के इच्छुक हों। बताया कि कुछ विद्यालयों की रिपोर्ट आ गई है। सभी विद्यालयों के चयन होने के बाद तीन सदस्यीय कमेटी से इसकी जांच कराई जाएगी, जिसमें वहां विद्यार्थियों की संख्या, अवस्थापना सुविधाओं आदि का परीक्षण किया जाएगा।
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नियुक्ति के लिए होगी कड़ी प्रतिस्पर्धा
अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में नियुक्ति के लिए शिक्षकों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा भी तय है, क्योंकि काफी परिषदीय विद्यालयों में काफी शिक्षक ऐसे हैं जिन्होंने अंग्रेजी विषय के साथ इंटर किया है या फिर कॉन्वेंट स्कूलों में शिक्षा ग्रहण की है। ऐसे शिक्षक वर्तमान में दूर-दूराज ग्रामीण इलाकों के विद्यालयों में तैनात हैं। बदली परिस्थिति में ऐसे शिक्षक मुख्य सड़कों से लगे विद्यालयों में नियुक्ति के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। हालांकि इसके लिए उन्हें परीक्षा से गुजरना होगा।
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