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करछना एसडीएम के तबादला पर बवाल, फैसला वापस

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एसडीएम के तबादला पर बवाल, दबाव के बाद फैसला वापस
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0 बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने करछना तहसील बंद कराया, बाजार में भी बंदी
0 चक्का जाम, प्रशासन और उपमुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी, राजा बने रहेंगे एसडीएम
अमर उजाला ब्यूरो
करछना/ नैनी (इलाहाबाद)। शुआट्स के पदाधिकारियों तथा बालू और भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के बाद चर्चा में आए एसडीएम करछना राजा गणपति आर के तबादले से नाराज लोगों ने मंगलवार को जमकर हंगामा किया। बड़ी संख्या में पहुंचे स्थानीय लोगों ने तहसील बंद करा दी तो बाजार भी बंद रहा। लोगों ने हाईवे भी जाम कर दिया। इससे बने दबाव के बाद डीएम को उनके तबादले का फैसला वापस लेना पड़ा। राजा गणपति को एसडीएम सदर बनाया गया था।
राजा गणपति आर. की क्षेत्र में निष्पक्ष और ईमानदार अफसर की छवि है। बालू और भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के बाद वह काफी लोकप्रिय हो गए हैं। ऐसे में अचानक उनके तबादले के फरमान ने लोगों के गुस्से को भड़का दिया। शुआट्स के कुलपति के मामले में रिपोर्ट सौंपने के एक दिन बाद ही हुए इस आदेश से लोगों की नाराजगी और बढ़ गई तथा मंगलवार को सुबह ही बड़ी संख्या में लोग एसडीएम करछना के आवास पर इकट्ठे हो गए। लोगों ने राजा गणपति को जाने से रोकते हुए घेराव कर दिया। वहां पहुंचे मदन मोहन इंटर कॉलेज के छात्रों ने आवागमन अवरुद्ध कर दिया और सड़क पर बैठ गए।
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उधर, तहसील में तालाबंदी कर सभी अधिवक्ता भी एसडीएम आवास पर पहुंच गए। करछना, साधुकुटी, बेला चौराहा समेत पूरे क्षेत्र के दुकानदार दुकानों का शटर गिराकर एसडीएम के समर्थन में जुट गए। एसडीएम के लिए हुए चक्काजाम को हटाने में पुलिस भी नाकाम हो रही थी। इस दौरान लोगों ने जिला प्रशासन के साथ उप मुख्यमंत्री तथा अन्य नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोग तबादले का कारण बताने की मांग कर रहे थे। साथ में उनका यह भी कहना था कि यदि राजा को सीडीओ बनाकर भेजा जाए तो उन्हें कोई एतराज नहीं है लेकिन इस तरह से तबादला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान एसडीएम ने लोगों को कई बार समझाने की कोशिश की लेकिन सड़क पर उतरे लोग उनकी बात भी सुनने के लिए तैयार नहीं थे। लोगों के इस तरह से सड़क पर उतरने से बने दबाव के बाद डीएम ने उनके तबादले का आदेश वापस ले लिया। डीएम सुहास एलवाई ने बताया कि एसडीएम सदर राजीव राय को मेला का एसडीएम बना दिया गया है। ऐसे में सदर में आवश्यकता को देखते हुए राजा गणपति को यहां का एसडीएम बनाया गया लेकिन जनभावना को देखते हुए यह फैसला वापस ले लिया गया है। राजा गणपति एसडीएम करछना बने रहेंगे। एसीएम आयुष चौधरी एसडीएम सदर नियुक्त किए गए हैं।
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केशव को करना पड़ा हस्तक्षेप!
0 राजा गणपति का तबादला रोकवाने में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के हस्तक्षेप की चर्चा रही। एक अधिकारी के समर्थन में इस तरह से लोगों के सड़क पर उतरने से अफसरों के साथ नेता भी हतप्रभ रहे। बालू और भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने वाले अफसर के इस तरह से तबादला से सरकार की मंशा पर सवाल उठने लगे थे। लोगों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। ऐसे में लोगों का कहना है कि उप मुख्यमंत्री ने मंडल और जिले के आला अफसरों से वार्ता की। इसके बाद राजा गणपति के तबादले का आदेश वापस ले लिया गया।
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इसलिए सबके चहेते हैं एसडीएम
नैनी। भूमाफियाओं और अवैध कब्जेदारों के खिलाफ कार्रवाई से दो महीने में उनकी छवि ईमानदार अफसर की बन गई। इसके अलावा वे बच्चों के भी बहुत प्रिय हैं। रोज सुबह वे बच्चों के साथ स्कूल ग्राउंड पर खेला करते हैं। स्कूल मैदान में जॉगिंग ट्रैक बनवाने का काम भी शुरू किया है। साथ ही उसे मॉडल स्कूल बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। वह बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित करते रहते हैं। साथ ही कई विषयों पर उन्हें टिप्स भी दिया करते हैं। इस वजह से बच्चों के वह चहेते बन गए हैं। यही वजह रही कि तबादला की खबर पर बड़ी संख्या में छात्र भी पढ़ाई छोड़कर एसडीएम आवास पर पहुंच गए। वह तहसील में ही रहते हैं और आधी रात में भी लोगों की फरियाद सुनते हैं। इनसे पहले 1993 में कृष्ण कुमार गुप्ता थे, जो तहसील में रहा करते थे। एसडीएम ने बुजुर्गों के लिए भी उन्होंने कई काम शुरू किए हैं। शिकायत कक्ष का गठन किया है। लोगों की सहूलियत को देखते हुए कई काम कराएं हैं। ऐसे में उनके तबादले की खबर से लोग सड़क पर उतर गए।
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क्षेत्रीय लोगों की प्रतिक्रिया--
0 बालू, मिट्टी और शुआट्स पर की गई कार्रवाई पर सरकार के कुछ प्रमुख मंत्रियों के इशारे पर ईमानदार अफसर का तबादला किया गया। यह शर्मनाक है। -विजय राज सिंह राजू, ब्लॉक प्रमुख, करछना।
-भाजपा सरकार एक ओर भ्रष्टाचार खत्म करने का दावा करती है और दूसरी ओर भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने पर ईमानदार अधिकारी का ट्रांसफर कर दिया जाता है। सरकार के कुछ मंत्रियों ने ही तबादले के लिए डीएम पर दबाव बनवाया। -हंसराज सिंह, महामंत्री, बार काउंसिल करछना तहसील।
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- डॉ. राजा गणपति आर. किसी भी मंत्रियों के इशारे पर काम नहीं करते हैं। इसी कारण से वह कई नेताओं की आंखों की किरकिरी बने हुए थे। यही तबादला का कारण बना। चिंतामणि शुक्ल, अध्यक्ष, बार काउंसिल करछना तहसील।
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