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बदले वार्ड, क्रमांक से परेशानी, उलझे प्रत्याशी

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बदले वार्ड, क्रमांक में उलझे प्रत्याशी, परेशानी
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- वोटर लिस्ट के मुताबिक नहीं मिल रहे मतदाता
- अभी जनसंपर्क में दिक्कत फिर कैसे बांटेंगे पर्ची
इलाहाबाद।
नगर निकाय चुनाव में निगम कर्मचारियों की मनमानी अब पार्षद प्रत्याशी भुगत रहे हैं। मानक को दर किनार कर बदले गए वार्ड और क्रमांक के फेर में प्रत्याशी उलझे हैं। जान पहचान वालों से तो मिलना ठीक है लेकिन वोटर लिस्ट के मुताबिक एक-एक व्यक्ति को खोजना मुश्किल हो रहा है। कई मोहल्लों में बीच से गुम हुई भवन संख्या दूसरे वार्ड की मतदाता सूची में है। प्रत्याशियों को अभी जनसंपर्क में परेशानी हो रही है। ऐसे में वोटर पर्ची बांटते समय तो जाड़े में पसीना आएगा। इस गड़बड़ी का मतदान पर असर पड़ना तय है।
कीडगंज, मुट्ठीगंज, चौखंडी, रामबाग, बैरहना, मधवापुर, भारद्वाजपुरम, सोहबतियाबाग, दारागंज, प्रयागघाट, दारागंज बख्शी खुर्द, बघाड़ा, सलोरी, चांदपुर सलोरी, गोविंदपुर, तेलियरगंज, शिवकुटी, रसूलाबाग, म्योराबाद, कटरा, मम्फोर्डगंज, सिविल लाइंस, करेली, सुलेमसराय, मीरापुर, दरियाबाद, राजरूपपुर(ओमप्रकाश सभासद नगर), चकिया, सादियाबाद, अबूबकरपुर, शाहगंज, तुलसीपुर, रसूलपुर समेत कई ऐसे मोहल्लों में मतदाता सूची दुरुस्त नहीं है। नैनी और फाफामऊ में इस तरह की खामियां हैं। कहीं वार्ड गलत दर्ज है तो कहीं वोटरों का क्रमांक, ऐन चुनाव के वक्त गली-गली घूम रहे प्रत्याशियों में इस तरह की गड़बड़ी के परिणाम से घबराए हैं।
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जनसंपर्क करने घर-घर पहुंच रहे प्रत्याशी जब संबंधित व्यक्ति के बारे में पूछताछ करते हैं तो पता चलता है, किराएदार थे अब दूसरे मोहल्ले में रहने लगे हैं। कहीं-कहीं तो मकान मालिक तो मिलते हैं लेकिन पूरे परिवार का नाम ही सूची से गायब है। कीडगंज में बीच वाली सड़क पर रहने वाले विनायक के पूरे परिवार का नाम वार्ड 50 में नहीं है, उनके घर के सभी नाम वार्ड 47 में दर्ज हैं। इसी तरह मम्फोर्डगंज के करीब तीन सौ वोटरों के नाम कटरा वार्ड में हैं। सभी गडबड़ियों वाले मकान के नंबर क्रम से नहीं बीच-बीच से गायब हैं। म्योराबाद में तो पुश्तैनी मकान में रहने वाले कई परिवारों के नाम मोहल्ले की वोटर लिस्ट में नहीं, मम्फोर्डगंज में दर्ज हैं। नई बस्ती निवासी दिनेश यादव का कहना है कि कई बार संशोधन के लिए फार्म भरा, लेकिन अब तक खामी को दुरुस्त नहीं किया गया है। ऐसे मामलों की संख्या सैकड़ों में है।
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राजरूपपुर इलाके की वोटर लिस्ट में अचानक ऐसे-ऐसे नाम बढ़ गए हैं, जिन्हें न तो लोग जानते हैं और न ही वे वहां कभी रहे। इस गड़बड़ी से जिनके घर में नए नाम बढ़े हैं, वे हैरान और पार्षद प्रत्याशी गड़बड़ी की आशंका से परेशान हैं। इसी तरह की कई शिकायतें जिलाधिकारी तक पहुंची हैं। इन पर कार्रवाई होती है या नहीं यह तो पता नहीं लेकिन इसका निकाय चुनाव पर असर पड़ना तय है। अभी तक मिली शिकायतों के मुताबिक शहर के लगभग सभी वार्डों में 1000 से 2000 वोट बिखरें हैं। ऐसे में डेढ़ से दो लाख मतदाता प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि इस तरह की शिकायतें पहले कई बार हो चुकी हैं, जिन्हें दुरुस्त करने का प्रयास नहीं किया गया।
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