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तीन सप्ताह में गन्ना किसानों के ब्याज के भुगतान का हाईकोर्ट ने दिया आदेश

Thu, 20 Dec 2018 08:19 PM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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गन्ना लेकर जाते किसान
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गन्ना किसानों के बकाया ब्याज भुगतान पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने योगी सरकार को चेतावनी दी है। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि या तो तीन सप्ताह में बकाया ब्याज का भुगतान किया जाए या फिर गन्ना आयुक्त संजय भूसरेड्डी चार फरवरी को अदालत में हाजिर हों।
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वीएम सिंह की ओर से दाखिल अवमानना याचिका पर न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने यह आदेश दिया। प्रदेश सरकार की ओर से ब्याज भुगतान के लिए छह माह का और समय मांगा गया जिसका, वीएम सिंह ने विरोध किया। उनका कहना था कि वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव है, इसलिए राज्य सरकार मामले को लटकाना चाहती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मिल मालिकों के साथ मिली हुई है, जबकि किसानों को इसका नुकसान झेलना पड़ रहा है।

वीएम सिंह का कहना था कि किसान भी फसल के लिए लोन लेता है, जिसका उसे ब्याज देना पड़ता है। किसान दो साल तक लोन पर ब्याज देता है। गन्ना देने के एक साल बाद उसे भुगतान मिलता है। इसलिए वह दो वर्ष का ब्याज पाने का हकदार है। उन्होंने कहा कि ब्याज नहीं देने वाली चीनी मिलों में कई मिलें सरकार की भी हैं।
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23 चीनी मिलें राज्य सरकार की
राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि एक.एक किसान के बकाया का आंकलन किया जा रहा है। वीएम सिंह ने कहा कि राज्य की 121 चीनी मिलों में 23 चीनी मिलें राज्य सरकार की हैं, इसलिए सरकार पहले अपनी मिलों का बकाया भुगतान करे। मार्च 2017 में हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने एक आदेश जारी कर उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के बकाया भुगतान ब्याज समेत किए जाने का आदेश दिया था और इस बारे में तत्कालीन अखिलेश सरकार की कैबिनेट के फैसले को रद्द कर दिया था।

40 लाख से अधिक किसान हैं ब्याज के हकदार
वी एम सिंह ने बताया कि राज्य के करीब 40 से 42 लाख किसान परिवारों का ब्याज का भुगतान नहीं किया गया। अदालत ने साल 2012.13 और 2013.14 तथा 2014.15 के जिस बकाये पर ब्याज देने को कहा है वह रकम करीब 2,500 करोड़ रुपये होती है। उन्होंने कहा कि तत्कालीन अखिलेश सरकार ने कैबिनेट में बकाया भुगतान नहीं करने का प्रस्ताव पारित किया था।
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