बादलों का डेरा अभी कराएगा बारिश
- आर्द्रता का उच्चतम स्तर पर बना रहा मानसून को कर रहा मजबूत
- पुरवा हवाओं के जोर से धूप निकली भी तो रहेगी कमजोर, पारा लुढ़का
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। पुरवा हवाओं का जोर और बादलों का डेरा अभी और बारिश कराएगा। सावन की यह झड़ी फिलहाल रुकने वाली नहीं है। आर्द्रता के उच्चतम स्तर पर बने रहने से तेज बारिश की संभावना बनी है। मौसम विज्ञानियों का मानना है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसून की प्रगति से अत्याधिक जल वृष्टि के आसार बने हैं। इस बीच मौसम साफ हुआ और धूप निकली भी तो पुरवा हवाओं का जोर उसे कमजोर करेगा। वहीं शुक्रवार को पारा लुढ़ककर 27.5 डिग्री पर आ गया। बीते 24 घंटे में 62.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह इस बार अगस्त में सर्वाधिक बारिश का रिकार्ड है।
बीते दस दिन से दक्षिणी पश्चिमी मानसूनी हवाओं की सक्रियता को पुरवा हवाओं का साथ मिला। इस गठजोड़ ने मानसून को मजबूती दी। इस बीच हर दिन 20 मिमी. बारिश का औसत रहा। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। अब हर दिन बरस रहा पानी लोगों के घरों की छतों से टपकने लगा है। मकान नए हों या पुराने, कहीं न कहीं बारिश का पानी गृहस्थी पर असर डाल रहा है। शुक्रवार रात में भी बारिश का क्रम थमा नहीं, कभी बूंदाबांदी तो कभी तेज बौछारों ने लोगों को भिगोया।
मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा के मुताबिक जो वातावरण बना है, उससे कुछ दिन बारिश जारी रहने की संभावना है। आर्द्रता के अधिकतम 100 और न्यूनतम 88 पर रहने से तेज बारिश होने के स्पष्ट संकेत हैं। उन्होंने बताया कि सावन में इस बार ठीक ठाक जल वृष्टि (बारिश) के आसार हैं।