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पहचान के लिए अभ्यर्थियों ने कॉपियों में बनाए निशान
0 चिह्नों पर परीक्षकों, आयोग के अफसरों ने नहीं की आपत्ति
0 यूपीपीएससी के अज्ञात अफसरों पर मिलीभगत का है शक
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
सीबीआई ने पीसीएस-2015 की कॉपियों की जांच के दौरान एक गंभीर मामला पकड़ा है। कई अभ्यर्थियों की कॉपियों में विशेष प्रकार के चिह्न या निशान बने हुए मिल हैं, जिन्हें डीकोड कर अभ्यर्थियों की पहचान आसानी से की जा सकती है। खास यह कि आयोग के परीक्षकों ने इस पर कोई आपत्ति नहीं की और न ही अफसरों ने इस पर कोई ध्यान दिया। अभ्यर्थियों की यह कारगुजारी साफ इशारा कर रही है कि आयोग के कुछ अफसरों, परीक्षकों और अभ्यर्थियों के बीच मिलीभगत थी। सीबीआई की ओर से दर्ज एफआईआर में इस बात का जिक्र किया गया है।
ज्यादातर परीक्षा के दौरान कॉपियों पर लिखा रहता है कि अभ्यर्थी ऐसा कोई चिह्न या निशान नहीं बनाएंगे, जिससे उनकी पहचान हो सके। अगर अभ्यर्थी ऐसा करते हैं तो उनका अभ्यर्थन निरस्त कर दिया जाएगा और उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद कई कॉपियों पर विशेष चिह्न या निशान बनाए गए। इनके माध्यम से अभ्यर्थियों की पहचान आसानी से की जा सकती है। परीक्षकों ने ऐसे अभ्यर्थियों की कॉपियां जांचीं, लेकिन कॉपियों में बने निशानों पर कोई आपत्ति नहीं की और ऐसी कॉपियों में नंबर भी नहीं घटाए गए। आयोग के अफसरों ने भी इस मामले में कुछ नहीं किया। सूत्रों का कहना है कि इनमें से कई अभ्यर्थियों का पीसीएस-2015 में चयन भी हो गया है, जो इस बात की ओर इशारा कर रहा है कि कॉपियां जांचने वाले परीक्षकों और आयोग के संबंधित अफसर सबकुछ जानते हुए भी चुप रहे, ताकि कॉपियों में चिह्न बनाने वाले अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाया जा सके।