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जीएसटी के बाद बढ़ा डाकघर की ओर रूझान

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जीएसटी के बाद डाकघरों की ओर रुझान
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- बैंकों से अधिक लाभदायक हैं डाकघर की बचत योजनाएं

अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
केंद्र सरकार की ओर से जीएसटी लागू किए जाने के बाद डाकघरों के दिन फिर लौट आए हैं। सरकार की ओर से डाकघर की छोटी बचत जमा योजनाओं पर ब्याज दर 0.10 फीसदी कम करने के बाद भी डाकघर की छोटी योजनाएं बैंकों के एफडी से फायदेमंद हैं। डाकघर की छोटी बचत योजनाओं पर बैंकों की एफडी से दो फीसदी तक अधिक ब्याज मिल रहा है। नई व्यवस्था में अब लोगों का रुझान बैंकों से अधिक डाकघरों की ओर हो रहा है।
डाकघर का पीएफ लाभदायक
- सार्वजनिक भविष्य निधि (पीएफ) पर नई ब्याज दर 7.8 फीसदी है। पीएफ में निवेश में निवेश की राशि, ब्याज और उसके परिपक्वता पर मिलने वाली राशि पर कोई कर नहीं लिया जाता। डाकघर में 100 रुपये में पीएफ खाता खोला जा सकता है, जबकि बैंकों में इसके लिए 500 रुपये देने होते हैं। पीएफ खाता 15 साल के लिए खोला जाता है। डाकघर में किसान विकास पत्र की नई ब्याज दर 7.5 फीसदी है।
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बेटियों के खाते पर अधिक ब्याज
- केंद सरकार ने बेटियों के लाभ के लिए डाकघर में सुकन्या समृद्धि योजना शुरू की थी। इस योजना की नई ब्याज दर सरकार की ओर से 8.3 फीसदी कर दी गई है। 10 साल से कम उम्र की बेटियों का खाता खोला जा सकता है। बेटी के 18 साल की होने पर इसमें से 50 फीसदी राशि शिक्षा एवं शादी के लिए निकाली जा सकती है। बेटी के 21 साल के होने पर पूरी राशि निकाली जा सकती है। इस योजना में निवेश करने वाले को टैक्स में डेढ़ लाख तक छूट का लाभ दिया गया है।
एफडी में निवेश पर अधिक लाभ
- डाकघरों में एफडी पर मिलने वाली ब्याज दर घटकर 7.6 फीसदी हो गई, इसी बीच भारतीय स्टेट बैंक की पांच साल की एफडी पर मिलने वाली ब्याज दर से दो फीसदी अधिक है।
डाकघर में आरडी से करें शुरुआत
- डाकघर की पांच साल की आवर्ती जमा खाता (आरडी) पर नई ब्याज दर 7.1 फीसदी हो गई है, जबकि एसबीआई की एफडी पर 6.25 फीसदी की ब्याज मिलती है। डाकघर में मात्र 10 रुपये पर आरडी खोली जा सकती है, इसे एक डाकघर से दूसरे में स्थानांतरित किया जा सकता है।
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जीएसटी लागू होने के बाद डाकघर की जमा योजनाओं में बैंकों से अधिक ब्याज मिल रहा है। अब लोगों का बैंकों से मोहभंग हो रहा है। डाकघर की योजनाओं से आकर्षित होकर लोग एक बार फिर से यहां की बैंकिंग स्कीम का लाभ उठा रहे हैं।
-आरएन यादव, सीनियर पोस्ट मास्टर प्रधान डाकघर, इलाहाबाद
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