स्मार्ट सिटी का हिस्सा होंगे शहर में चल रहे विकास कार्य
0 कुल 28 प्रस्तावों में से कई पर पहले से शुरू है काम, कुछ काम पूरे भी
0 स्मार्ट सिटी की योजनाओं में शामिल करने की प्रक्रिया हो चुकी है शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
केंद्र सरकार ने इलाहाबाद को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए हरी झंडी दे दी है। हालांकि, विकास से जुड़े काफी काम शहर के विभिन्न हिस्सों में पहले से ही चल रहे हैं। कुछ काम तो पूरे भी हो गए हैं। अब आगे जो भी काम होंगे सब स्मार्ट सिटी योजना का हिस्सा होंगे। पहले से चल रहे विकास कार्यों को स्मार्ट सिटी की योजना में शामिल करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। अफसरों की मुताबिक स्मार्ट सिटी के प्रस्तावों में शामिल किए गए तकरीबन एक चौथाई काम वर्तमान में चल रहे हैं। अर्द्धकुंभ के भी कई प्रस्ताव इस योजना में शामिल हैं। शनिवार को यहां आए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने अफसरों को स्मार्ट सिटी से संबंधित काम के लिए कार्ययोजना जल्द तैयार करने का निर्देश दिया।
इलाहाबाद को स्मार्ट सिटी योजना में शामिल करने के लिए पूर्व में भेजे गए दो प्रस्तावों को भले ही नामंजूर कर दिया गया, लेकिन इस दौरान भी विकास योजनाओं की गति पर ब्रेक नहीं लगा था। जलापूर्ति, सीवरेज, पार्क विकसित करने समेत कई काम शुरू हैं। अमृत योजना के तहत शहर के चंद्रशेखर आजाद पार्क, हाथी पार्क, भारद्वाज आश्रम, फाफामऊ में तिकोनिया पार्क, प्रीतमनगर, मम्फोर्डगंज तथा हाशिमपुर रोड स्थित पार्क का विकास किया जाना है। इनमें से चंद्रशेखर आजाद तथा हाथी पार्क का काम अंतिम चरण में है। अन्य पार्कों में स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत काम होगा। इसी तरह से स्मार्ट सिटी में शामिल सिविल लाइंस में महात्मा गांधी मार्ग के विकास, डिवाइडर का निर्माण, स्ट्रीट लाइट एलईडी लगाने का काम तकरीबन पूरा हो चुका है। सिविल लाइंस में मल्टी स्टोरी पार्किंग का भी निर्माण हो चुका है। एक अन्य के निर्माण का प्रस्ताव है। इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट, महानगर बस सेवा का आधुनिकीकरण आदि के भी प्रस्ताव तैयार कर लिस गए हैं। स्मार्ट सिटी योजना में शामिल सड़कों का चौड़ीकरण, रेलवे स्टेशन पर पर्यटक सुविधा केंद्रों की स्थापना समेत कई अन्य प्रस्तावों पर भी काम शुरू है। अब सभी प्रस्तावों को स्मार्ट सिटी योजना में शामिल किया जाएगा। मंडलायुक्त की अध्यक्षता में स्पेशल पर्पज वेहकिल के गठन के बाद प्रस्तावों को अंतिम रूप दिए जाने के बाद काम शुरू होगा।
2019 तक काम पूरा करने का लक्ष्य
0 स्मार्ट सिटी योजना में शामिल प्रस्तावों को 2019 तक पूरा किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, अभी स्पेशल पर्पज वेहकिल (एसपीवी) का गठन नहीं हुआ है, लेकिन विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत कई काम पहले से शुरू हैं। ऐसे में अफसरों का दावा है कि काम का बड़ा हिस्सा 2019 तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद पांच साल तक योजनाओं के संचालन तथा मरम्मत का काम भी एसपीवी के पास होगा।
स्मार्ट सिटी के प्रमुख प्रस्ताव
इविवि, एमएनएनआईटी में इंक्यूवेशन सेंटर
इलाहाबाद विश्वविद्यालय और मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) में इंक्यूवेशन सेंटर की स्थापना की जाएगी। इन पर 1.20 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसमें रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के साथ रिसर्च एंड डेवलपमेंट के कार्यक्रम चलाए जाएंगे। यह संस्थान शहर तथा आसपास के क्षेत्रों के विकास में तकनीकी मदद भी देगा।
घनत्वीकरण के लिए कार्य
इस प्रस्ताव के तहत कम जनसंख्या घनत्व वाले क्षेत्रों में सुविधा बढ़ाकर लोगों को आकर्षित किया जाएगा। साथ में बहुमंजिली आवासीय इमारतों का निर्माण होगा। ताकि, अधिक आबादी वाले क्षेत्रों पर से दबाव कम किया जा सके। इस पर 2.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
नगर निगम की संपत्तियों का विकास
नगर निगम की जमीन पर आवासीय भवनों, दुकानों आदि के निर्माण के प्रस्ताव शामिल हैं। इससे लोगों के लिए सहूलियतें बढ़ने के साथ निगम को आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद मिलेगी। इस पर 270.63 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
ऐतिहासिक स्थलों का विकास
इसके तहत संगम क्षेत्र में त्रिवेणी समागम स्थल का निर्माण किया जाएगा। बख्शी बांध को भी पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। इस पर 52.32 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है। इलाहाबाद को ब्रांड के रूप में विकसित करने पर भी 11.25 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
जलापूर्ति का आधुनिकरण, सड़कों का विकास, वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत 894 करोड़ रुपये के प्रस्ताव शामिल हैं। अलग-अलग योजनाओं के अंतर्गत काम शुरू है।
आवागमन के लिए
शहर तथा आसपास के क्षेत्र में सुगम आवागमन के लिए साइकलिंग को बढ़ावा देने, पैदल चलने वालों के लिए अलग मार्ग, महानगर बस सेवा के आधुनिकीकरण, इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, ई-रिक्शा स्टैंड, ई-नगर सेवा आदि प्रस्ताव शामिल हैं। इनमें से सीएनजी बसों के संचालन आदि के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बस आधारित लूप ट्रांजिट सिस्टम के तहत बसों, छोटे वाहनों, रिक्शा आदि के लिए रूट चार्ट भी तैयार कर लिया गया है।
खुली जगह पर पार्कों का विकास
इस योजना के तहत कालोनियों में खाली स्थान चिह्नित कर पार्क बनाए जाएंगे। पहले से बने पार्कों को विकसित भी किया जाएगा। इस पर 45.33 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
इमारतों पर सोलर पैनल
इसके लिए पांच करोड़ रुपये पहले से मिल चुके हैं। काम भी शुरू है। इसके अलावा सरकारी भवनों पर सोलर पैनल लगाने का भी काम शुरू है। शेष कार्य स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत हाेंगे। इन कुल 39.96 करोड़ रुपये खर्च होने हैं।
स्कूलों में आईटी कनेक्टिविटी
इसके तहत स्कूल परिसर को वाई-फाई सुविधा से लैस करने, स्मार्ट क्लास रूम आदि के निर्माण के प्रस्ताव शामिल हैं।
इलाहाबाद को स्मार्ट सिटी योजना में शामिल करने से संबंधित प्रपत्र का इंतजार है। उसके मिलने के बाद जल्द से जल्द एसपीवी का गठन कर लिया जाएगा। इसके बाद डीपीआर तैयार कराके काम शुरू किए जाएंगे। अमृत योजना समेत कई प्रस्ताव पहले से स्मार्ट सिटी में शामिल हैं। जल्द ही काम शुरू करने की योजना है। - डॉ.आशीष गोयल, मंडलायुक्त