उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी ने शनिवार की शाम करीब चार बजे एसआरएन अस्पताल का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान ईएनटी, प्रसूति और ऑर्थो विभाग में डॉक्टर नदारद दिखे। इस पर उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कार्रवाई की बात कही। वहीं मरीज के तीमारदारों ने भी व्यवस्था की पोल खोली। उन्होंने बाहर से दवाएं और ग्लब्स मंगाने के साथ ही स्ट्रेचर से मरीजों को ले जाने के लिए 200 रुपये लेने की शिकायत की।
निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का हाल जानने के लिए वे एसआरएन अस्पताल पहुंचीं थीं। उन्होंने कहा कि यहां ऐसी अव्यवस्था की कल्पना नहीं की थी। समस्या काफी गंभीर है।
उन्होंने कहा कि वह करीब साढ़े तीन घंटे तक अस्पताल में रहीं। इस दौरान हड्डी रोग, ईएनटी और प्रसूति विभाग में सिर्फ जूनियर डॉक्टर ही मौजूद रहे, जबकि सीनियर नदारद मिले। हैरानी की बात यह है कि इन विभाग के डॉक्टरों को उनके निरीक्षण की फोन करके सूचना भी दी गई। इसके बावजूद कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा।
उपाध्यक्ष ने बताया कि निरीक्षण के दौरान तीमारदारों ने बताया है कि यहां पर उनसे दवाएं और ग्लब्स बाहर से खरीदवाया जाता है। मरीजों को स्ट्रेचर पर एक जगह से दूसरे जगह ले जाने के लिए वार्ड बॉय 200-200 रुपये लेते हैं, जबकि सरकार की ओर से सरकारी अस्पतालों में सभी स्वास्थ्य सेवाएं निशुल्क की गई हैं। इसके विपरीत मरीजों से हर चीज के लिए पैसे लिए जा रहे हैं। उन्होंने निरीक्षण संबंधी जांच रिपोर्ट प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को भेजने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की बात कही।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चाका में मिली कमियों पर जताई नाराजगी
राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चाका का भी औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को परखा। इस दाैरान जगह-जगह गंदगी पर नाराजगी जताई। साथ ही साफ-सफाई की व्यवस्था को चाक चाैबंद करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को मरीजों और तीमारदारों से अच्छे व्यवहार की भी नसीहत दी।