जिला न्यायालय ने शनिवार को नाबालिग बालिका के अपहरण और यौन उत्पीड़न मामले में दोषी करार दिए गए इसरार मियां उर्फ एतराज अहमद को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने 12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
जिला न्यायालय ने शनिवार को नाबालिग बालिका के अपहरण और यौन उत्पीड़न मामले में दोषी करार दिए गए इसरार मियां उर्फ एतराज अहमद को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने 12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। यह आदेश विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट द्वितीय) अंजनी कुमार ने आरोपी के वकील और सहायक शासकीय अधिवक्ता मनोज पांडेय व विशेष लोक आयुक्त सविता पाठक के तर्कों को सुनकर दिया।
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पीड़िता के पिता की ओर से थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में कहा गया था कि, इसरार मियां 16 मई 2021 को उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। परिवार के लोगों ने बहुत खोजबीन की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कोर्ट से याचना की कि आरोपी के माता-पिता बूढ़े हैं और जीविकोपार्जन का एक मात्र सराहा उनका बेटा ही है।
इस कारण उसे कम से कम सजी दी जाए। जबकि अभियोजन पक्ष ने इसका कड़ा विरोध करते हुए तर्क दिया कि आरोपी ने नाबालिग बालिका के साथ संगीन अपराध किया है। तथ्यों व अपराध की गंभीर प्रकृति को देखकर अदालत ने आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।