ग्राम प्रधान को जेल गए शुक्रवार को 48 घंटे पूरे हो जाएंगे। नियमत: ऐसे मामलों में जेल जाने के 48 घंटे बाद जांच की की दी जाती है। ग्राम प्रधान पर भ्रष्टाचार और सरकारी अभिलेखों में छेड़छाड़ करने का आरोप है।
खीरी में हुए बवाल के बाद पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की संस्तुति जिलाधिकारी की ओर से शासन को भेज दी गई है। मुआवजे की राशि जल्द ही स्वीकृत हो सकती है। वहीं, भ्रष्टाचार के आरोप में फंसे ग्राम प्रधान के जेल जाने के बाद शुक्रवार से दस्तावेजों की जांच शुरू करने की तैयारी है।
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ग्राम प्रधान को जेल गए शुक्रवार को 48 घंटे पूरे हो जाएंगे। नियमत: ऐसे मामलों में जेल जाने के 48 घंटे बाद जांच की की दी जाती है। ग्राम प्रधान पर भ्रष्टाचार और सरकारी अभिलेखों में छेड़छाड़ करने का आरोप है। हालांकि, ग्राम प्रधान के जेल जाने के बाद तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया गया है, जो ग्राम प्रधान की जगह वित्तीय एवं प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालेगी।
वहीं, दूसरी ओर एसडीएम के स्तर से उन दस्तावेजों की जांच शुक्रवार से शुरू किए जाने की तैयारी है, जो भ्रष्टाचार के आरोप से जुड़े हुए हैं। एसडीएम के माध्यम से डीएम को भी संबंधित दस्तावेज भेजे जा सकते हैं। अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो ग्राम प्रधान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई भी हो सकती है।
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इसके साथ ही जिला प्रशासन ने ग्रामीणों की मांग के अनुरूप मुआवजे के तौर पर 20 लाख रुपये की संस्तुति शासन को भेज दी है। मुआवजे का भुगतान मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से किया जाना है। जल्द ही मुआवजे की राशि को स्वीकृति मिल सकती है। डीएम संजय कुमार खत्री ने बताया कि ग्रामीणा ने 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग की थी, जिसकी संस्तुति शासन को भेजी गई है।