इलाहाबाद। पाकिस्तान पर भारत की जीत के 50 साल पूरे होने की शौर्य गाथा बुधवार को इलाहाबाद संग्रहालय में नजर आई। सेना के रेड ईगल डिविजन और इलाहाबाद संग्रहालय के संयुक्त तत्वावधान में लगाई गई प्रदर्शनी में कई ऐसी कहानियों को पोस्टरों, अस्त्रों और हथियाए गए आयुधों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है, जो भारत की जीत की गाथा की याद दिला रहा है। प्रदर्शनी का उद्घाटन मेजर जनरल पीसी थिमैया ने किया। उन्होंने युवाओं का रुझान सेना की ओर भी मोड़ा।
मेजर जनरल ने भारत की जीत के इतिहास को दोहराते हुए कहा कि युवाओं को सेना की ओर रुझान जरूरी है। मंडलायुक्त राजन शुक्ला ने अब्दुल हमीद के परिवार के साथ बिताए पलों को लोगों से साझा किया। इस दौरान 1965 की विजय गाथा पर बनी डाक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई गई। इस युद्द को सेना के तीनों डिविजनों ने मिलकर लड़ा था और पाकिस्तान को बुरी तरह से मात दी थी। देश के जवानों के अटूट साहस, वीरता, पराक्रम और कार्यकुशलता को देखकर लोगों में जोश भर आया। सेना के आरएसवीपी ने कहा कि प्रदर्शन 27 सितंबर तक लोगों के लिए खुली रहेगी। इस मौके पर संग्रहालय के निदेशक राजेश पुरोहित सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
इलाहाबाद संग्रहालय में रेड ईगल की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी में 1971 में पाक की ओर से इस्तेमाल की गई मेड इन चाइना का स्टेटगन भी लोगों के लिए दर्शनीय बनी हुई है। इस स्टेटगन को बांग्लादेश में रेड ईगल के जवानों ने हथिया लिया था, जो तब से यही पर रखा हुआ है। प्रदर्शनी में स्टेटगन 1971 की विजयगाथा की याद दिला रहा है।