शहर में ऐसी भी कई सड़कें हैं जिन पर संभल कर नहीं चले तो गिरकर जख्मी होना तय है। राज्य सभा सदस्य प्रमोद तिवारी के घर के आसपास से गुजरने वाली सड़कों का भी हाल ऐसा ही है। इन्हीं में से एक है हिंदू महिला विद्यालय इंटर कॉलेज से पत्रिका चौराहे के बीच की सड़क, जिस पर गड्ढों की भरमार है। इन सड़कों पर कदम-कदम पर खतरनाक गड्डे हर रोड लोगों को रुला रहे हैं।
यह उदासीनता तब है जब इस मार्ग पर स्कूल, मॉल, कई बड़े कोचिंग संस्थानों से लेकर कई अफसरों के साथ ही न्यायमूर्तियों के भी बंगले हैं। फिर भी टूटी और बदहाल सड़कों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। बीएसएनएल के सिविल लाइंस स्थित एक्सचेंज ऑफिस और हिंदू महिला विद्यालय इंटर कॉलेज के बीच से गुजरी वीआईपी सड़क की बदहाली देख कोई भी हैरान रह जाएगा।
इस सड़क के गड्डे आप गिनते रह जाएंगे। इस कॉलेज से पत्रिका चौराहे के बीच ही 167 से अधिक बड़े गड्डे हैं। इन्हीं गड्ढों से होकर हर रोज स्कूली छात्राओं से लेकर कोचिंग संस्थानों में पड़ने वाले प्रतियोगी छात्र-छात्राओं को गुजरना पड़ रहा है। अफसर और आम नागरिकों को हिचकोले खाना पड़ रहा है अलग से। यहां से चंद्रशेखर आजाद पार्क के गेट नंबर तीन के बीच दर्जन भर बड़े गड्ढे लोगों को चिढ़ा रहे हैं।
इसी सड़क पर शहर का प्रतिष्ठित सेंट जोसेफ स्कूल भी है। यहां से राज्य सभा सदस्य प्रमोद तिवारी के घर की तरफ मुड़ने पर भी कई जगह सड़क टूटी है। राज्य सभा सदस्य के बंगले के सामने ही दो बड़े गड्ढे हैं। वहां से आगे आते ही महादेवी वर्मा चौराहे पर भी चार बड़े गड्डे महीने से मुसीबत का सबब बने हुए हैं।
मैं नगर निगम में कांग्रेस के नेता सदन से इस पर जानकारी लूंगा और लखनऊ में जिम्मेदार अफसरों से भी बात करूंगा। ताकि, शहर की क्षतिग्रस्त सड़कों को दुरुस्त कराया जा सके। - प्रमोद तिवारी, सदस्य, राज्य सभा।
गड्ढों को भरने का काम शुरू करा दिया गया है। रोड कटिंग करने वाले संबंधित विभाग भी सक्रिय हो गए हैं। बारिश की वजह से गड्डों को भरने का काम प्रभावित हो गया था, लेकिन अब आने वाले त्योहारों से पहले ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराने का प्रयास किया जाएगा। कौशल किशोर झा, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी-प्रांतीय खंड।