इलाहाबाद में रेलवे की लाउंड्री में अब धुलेंगे कंबल
जंक्शन से चलने वाली सभी ट्रेनों के माह में दो बार धोएं जाएंगे कंबल
रेलवे बोर्ड के सदस्य रवींद्र गुप्ता की मौजूदगी में हुआ मेकेनाइज्ड लाउंड्री का शुभारंभ
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। प्रयागराज, हमसफर, दिल्ली दुरंतो समेत इलाहाबाद से शुरू होने वाली ट्रेनों में अब रेलवे की मैकेनाइज्ड लाउंड्री में धुले कंबल ही यात्रियों को मिलेंगे। उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) प्रशासन ट्रेनों में दिए जाने वाले कंबल की धुलाई अब प्राइवेट लाउंड्री में नहीं कराएगा। प्राइवेट लाउंड्री से मिल रही शिकायतों के मद्देनजर एनसीआर प्रशासन ने जंक्शन स्थित अपनी मैकेनाइल्ड लाउंड्री की क्षमता बढ़ा दी है। शनिवार को रेलवे बोर्ड के सदस्य रोलिंग स्टाक रवींद्र गुप्ता की मौजूदगी में लाउंड्री में कंबल धुलाई का शुभारंभ हुआ।
जंक्शन स्थित मैकेनाइज्ड लाउंड्री की क्षमता तीन टन प्रतिदिन की थी, जिसे अब बढ़ाकर दस टन किया गया है। वर्तमान समय इलाहाबाद से चलने वाली ट्रेनों में तकरीबन आठ टन एवं कानपुर से चलने वाली ट्रेनों में 1.6 टन लिनेन (चादर, कंबल और तकिए का कवर) की आवश्यकता पड़ती है। अभी तक यहां चादर एवं तकिए के कवर ही धोए जाते थे, लेकिन अब कंबल की धुलाई भी हो सकेगी। लाउंड्री देखने के बाद सदस्य रेलवे बोर्ड ने पौधरोपण कर नवनिर्मित सुपर फास्ट वॉशिंग लाइन का निरीक्षण किया। यहां खड़ी हमसफर एक्सप्रेस के कुछ कोच में गए। कोच में उन्होंने शौचालय, मैट आदि की जांच की। उन्होंने बर्थ में लगे मैगजीन फोल्डर को कहीं और शिफ्ट करने को कहा। इस दौरान डीआरएम अमिताभ और एडीआरएम एके द्विवेदी के साथ उन्होंने रेल निरीक्षण यान गरुण का भी जायजा लिया। उन्होंने अफसरों के साथ प्लेटफार्म नंबर एक का भी निरीक्षण किया। इसके पूर्व एनसीआर मुख्यालय में मुख्य यांत्रिक इंजीनियर देवेंद्र कुमार एवं अन्य अफसरों के साथ उन्होंने समीक्षा बैठक भी की। बैठक में एसेट फेलियर कम कैसे हो उस पर चर्चा की गई।
दो से तीन मिनट में चकाचक हो रहे कंबल
जंक्शन की मैकेनाइज्ड लाउंड्री में कंबल धुलाई की अत्याधुनिक मशीन लगाई गई है। जो कंबल को धोने एवं सुखाने के साथ ही प्रेस एवं फोल्ड करके महज दो से तीन मिनट में मशीन से निकाल देती है। बाहर कर्मचारी को सिर्फ फोल्ड कंबल को पैकेट में डालने का ही काम करना होगा।