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वन बार वन वोट के लिए दूसरे संगठनों की सदस्यता त्यागना जरूरी नहीं

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वन बार वन वोट मामला
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दूसरे संगठनों की सदस्यता त्यागना जरूरी नहीं
वरिष्ठ सदस्य टीपी सिंह ने बार को लिखा पत्र

अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन में मताधिकार के लिए दूसरे अधिवक्ता संगठनों की सदस्यता से त्याग पत्र देना जरूरी नहीं है। अधिवक्ता दूसरे संगठनों के सदस्य बने रह सकते हैं मगर वोट देने का अधिकार उनको एक ही बार में रहेगा। वन बार वन वोट के हाईकोर्ट बार द्वारा भराए जा रहे प्रोफार्मा को लेकर अधिवक्ताओं की आपत्ति केबाद बार के वरिष्ठ सदस्य और इस मामले को लेकर दाखिल याचिका में अधिवक्ता टीपी सिंह ने हाईकोर्ट बार को पत्र लिखकर अवगत कराया है।
टीपी सिंह का कहना है कि हाईकोर्ट का निर्देश स्पष्ट है इसमें कहीं भी दूसरे संगठनों की सदस्यता त्यागने के लिए नहीं कहा गया है। सिर्फ मताधिकार का विकल्प चुनने के लिए कहा गया है। दूसरी ओर बार कार्यकारिणी के पदाधिकारियों उपाध्यक्ष उदय शंकर तिवारी, राहुल पांडेय, संयुक्त सचिव प्रशासन अजय कुमार मिश्र, संयुक्त सचिव प्रेस आशीष कुमार मिश्र आदि का भी कहना है कि प्रोफार्मा बनाते समय उनकी राय नहीं ली गई। इसे जून की अवकाश में तैयार कराया गया है। बार के प्रोफार्मा में क्लाज है कि जो अधिवक्ता एक से अधिक बार एसोसिएशन के सदस्य हैं वह दूसरी बार से त्यागपत्र देकर इसकी सूचना देें।
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उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट ने घनश्याम दुबे व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए बार को ऐसे अधिवक्ताओं से विकल्प मांगने का निर्देश दिया है कि जो कई अधिवक्ता संगठनों के सदस्य होने के साथ ही हाईकोर्ट बार के भी सदस्य हैं। अधिवक्ताओं को किसी एक बार एसोसिएशन में ही मतदान करने का अधिकार है।
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