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सरकार का जोर व्यावसायिक शिक्षा पर, विद्यालयों पर असर नहीं

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सरकार का जोर व्यावसायिक शिक्षा पर, विद्यालयों पर असर नहीं
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- विद्यालय नहीं ले रहे व्यावसायिक ट्रेडों में विद्यार्थियों का प्रवेश
- कम से कम 25, विशेष परिस्थिति में 10 का प्रवेश अनिवार्य

अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
सरकार का जोर व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने पर है, लेकिन माध्यमिक विद्यालयों पर इसका रत्ती भर असर नहीं है। तभी तो यूपी बोर्ड के जिन विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा योजना के तहत विभिन्न ट्रेड संचालित हो रहे हैं, उनमें विद्यार्थियों के प्रवेश का संकट खड़ा हो गया है। विद्यालय प्रबंधन व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों को प्रवेश ही नहीं लेने दे रहे हैं। यह हाल तब है, जब व्यावसायिक शिक्षा योजना के तहत विभिन्न ट्रेडों में कम से कम 25 या विशेष परिस्थितियों में 10 विद्यार्थियों की अनिवार्यता है।
प्रदेश के शासकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा योजना के तहत विभिन्न ट्रेडों की पढ़ाई होती है। इसके पीछे कारण यह है कि व्यावसायिक शिक्षा ग्रहण कर युवा स्वावलंबी बनें। प्रधानमंत्री भी व्यावसायिक शिक्षा पर लगातार जोर देते रहे हैं। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो योगी सरकार ने व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने का फरमान जारी किया, लेकिन कुछ विद्यालय इस योजना पर अमल ही नहीं कर रहे। शिक्षा निदेशालय को लगातार शिकायत भी मिल रही है कि जिन विद्यालयों में विभिन्न ट्रेडों की पढ़ाई होती है, उनमें से ज्यादातर में विद्यार्थियों को प्रवेश ही नहीं दिया जा रहा है। हालत यह है कि जिन ट्रेडों में विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है, उसे बंद करके विद्यार्थियों को अन्य विषयों में समायोजित तक किया जा रहा है।
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इस शिकायत के बाद शिक्षा निदेशक अमर नाथ वर्मा ने डीआईओएस को निर्देश दिया है कि चयनित विद्यालयों में संचालित विभिन्न ट्रेडों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाएं। डीआईओएस आरएन विश्वकर्मा ने विद्यालयों को नोटिस भी जारी किया। बावजूद इसके व्यावसायिक शिक्षा में विद्यार्थियों का प्रवेश नहीं हो रहा है।
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इन ट्रेडों में होती है पढ़ाई
फल एवं खाद्य संरक्षण, पाक शास्त्र (कुकरी), परिधान रचना एवं सज्जा, धुलाई तथा रंगाई, बेकिंग तथा कंफेक्शनरी, टेक्सटाइल डिजाइन, बुनाई तकनीक, नर्सरी शिक्षण का प्रशिक्षण एवं शिशु प्रबंध, पुस्तकालय विज्ञान, बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्मिक मेडिकल लेबोरेटरी तकनीक, रंगीन फोटोग्राफी, रेडियो एवं रंगीन टेलीविजन, आटोमोबाइल्स, मधुमक्शी पालन, डेरी प्रौद्योगिकी, रेशम कीट पालन, बीजोत्पादन प्रौद्योगिकी, फसल सुरक्षा सेवा, पौधशाला, भूमि संरक्षण, एकाउंटेंसी एवं अंकेक्षण, बैंकिंग, आशुलिपि एवं टंकण-हिन्दी तथा अंग्रेजी, सचिवीय पद्धति, टंकण हिन्दी एवं अंग्रेजी, मुद्रण, कंप्यूटर तकनीक एवं मेंटेनेंस आदि।
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