इविवि की बेहतरी के लिए करोड़ों मिलने के संकेत
0 केंद्रीय प्रतिनिधियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांगा प्रस्ताव
0 विश्वविद्यालय स्तर पर उच्च स्तरीय कमेटी के गठन का निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय की बेहतरी के लिए केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों ने प्रस्ताव मांगा है। विश्वविद्यालय के अफसरों को संकेत दिए गए हैं कि जो भी प्रस्ताव आएगा, उसके अनुरूप सरकार रकम जारी करेगी। यह संकेत मिलने के बाद विश्वविद्यालय के अफसरों ने डीटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है।
शनिवार को विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय में ब्रेन स्टॉर्मिंग कार्यक्रम के समापन पर मौजूद बायोटेक्नोलॉजी विभाग भारत सरकार के सचिव प्रो. विजय राघवन, प्रधानमंत्री कार्यालय के संयुक्त सचिव भरतलाल, बायो टेक्नोलॉजी विभाग भारत सरकार के संयुक्त सचिव सीपी गोयल ने कहा कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में जिस स्तर की बौद्धिक क्षमता है, वह देश के किसी अन्य विश्वविद्यालय में नहीं है। इसे निखारे जाने की जरूरत है। उन्होंने कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू और वहां मौजूद शिक्षकों व इविवि के अफसरों से कहा कि मिलकर काम करने की जरूरत है। विश्वविद्यालय की बेहतरी के लिए प्रस्ताव तैयार कर भेजें, जितना संभव होगा मदद की जाएगी।
उन्होंने साफ संकेत दिए कि आने वाले दिनों में विश्वविद्यालय को विभिन्न मंत्रालयों से करोड़ों की ग्रांट मिल सकती है। इसके साथ ही सभी विभागाध्यक्षों से कहा गया कि निर्धारित समय सीमा में विभिन्न योजनाओं में शोध प्रोजेक्ट प्रस्तुत करें। विश्वविद्यालय स्तर पर एक उच्च स्तरीय कमेटी के गठन का भी निर्णय लिया गया, जो सचिव बायोटेक्नोलॉजी मंत्रालय एवं विभिन्न मंत्रालयों के साथ मिलकर समय-समय पर सम्मेलन का आयोजन करेगी और विज्ञान संकाय में शोध एवं शिक्षा के स्तर को बढ़ाने का उपाय करेगी। कार्यक्रम का संचालन प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय ने किया। प्रो. सुनीत द्विवेदी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान डॉ. शैलेंद्र राय, प्रो. एनके शुक्ला, प्रो. हर्ष कुमार, प्रो. आरकेपी सिंह और विज्ञान संकाय के समस्त विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।