स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) के चिकित्सकों ने शुक्रवार को एक 50 वर्षीय महिला के पेट की सर्जरी करके 17 किलो का ट्यूमर निकाला। यह सर्जरी तीन घंटे चली है। ऑपरेशन के बाद महिला स्वस्थ है। जनरल सर्जरी विभाग के चिकित्सकों का दावा है कि यह एसआरएन अस्पताल में निकाला गया अब तक का सबसे बड़ा ट्यूमर है।
पेट में दर्द के चलते 30 जनवरी को अमिलिया निवासी रामकली देवी को एसआरएन अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया था। परिजनों ने बताया कि उन्हें दो वर्ष पहले ट्यूमर पता चला था। सर्जरी न कराने के कारण ट्यूमर 25.8 सेमी लंबा, 20.1 सेमी चौड़ा और 30.6 सेमी गहरा हो गया था। ऑपरेशन न करा पाने के कारण महिला का पेट फूलने लगा। दर्द निवारक दवा खाकर काम चलाया जा रहा था।
सीटी स्कैन से पता लगा कि महिला के पेट में गांठ है, जिसमें कुछ तरल पदार्थ खून के थक्के जैसा था। यह गांठ महिला के बच्चेदानी में थी। गांठ के अंदर काफी घाव थे। गांठ से खून का रिसाव भी हो रहा था। इससे बच्चेदानी का कुछ हिस्सा सड़ गया था। मरीज में खून की कमी हो गई थी। डॉक्टरों ने महिला को चार यूनिट खून और चार यूनिट सीरम चढ़ाया।
जनरल सर्जरी विभाग के डॉ. अखिलेश कुमार यादव, डॉ. शेषनाथ, डॉ. अत्रेयी शाहा, डॉ. नितीश, डॉ. आकाश ने सर्जरी करके बच्चेदानी और ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाला। इस उपलब्धि के लिए एनेस्थीसिया विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. अमन ओहारी ने सभी को बधाई दी।
17 किलो का ट्यूमर निकालने की उपलब्धि बड़ी है। इसके लिए जनरल सर्जरी विभाग के सभी चिकित्सकों और सहयोगी टीम को मेरी ढेरों शुभकामनाएं हैं। उनकी मेहनत से यह सफल सर्जरी हुई है। डॉ. एसपी सिंह, प्राचार्य, मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज
यह सर्जरी काफी जटिल थी। महिला को काफी दर्द हो रहा था। टीम ने इस सर्जरी को करने से पहले काफी पड़ताल की, जिसके बाद यह कामयाबी मिल सकी। डॉ. अखिलेश कुमार यादव, जनरल सर्जन, मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज