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जीएन झा में छात्र ने दो कमरों के ताले तोड़े

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जीएन झा में हंगामा, शोध छात्र ने तोड़ा ताला
0 ताला तोड़ने वाला शोधार्थी इलाहाबाद विश्वविद्यालय से निष्कासित
0 शोधार्थी की मदद करने वाला छात्र निलंबित, पुलिस ने हिरासत में लिया
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। जीएन झा हॉस्टल में छापेमारी के दौरान कई कमरों पर अवैध कब्जा पाए जाने पर पुलिस ने वहां पहले से लगे ताले तोड़ दिए और उनकी जगह इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने ताले लगा दिए। हालांकि पुलिस जैसे ही वहां गई, कुछ कमरों पर अवैध कब्जा करके रहने वाले एक शोध छात्र ने एक कमरे का ताला तोड़ दिया। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची। छात्र की ओर से लगाया गया ताला तोड़कर फिर नया ताला लगाया और ताले पर सील लगा दी गई। इविवि प्रशासन ने शोध छात्र को विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया है। साथ ही शोधार्थी की मदद करने के आरोप में हॉस्टल के एक छात्र को निलंति किया है। पुलिस ने मदद करने वाले एक छात्र को हिरासत में लिया है। पुलिस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस और इविवि प्रशासन की टीम ने दोपहर एक बजे के आसपास जीएन झा हॉस्टल में छापे की कार्रवाई पूरी की और इसके बाद फोर्स एसआरके हॉस्टल पहुंच गई। वहां भी छापेमारी शुरू होने के कुछ देर बाद ही कमरा नंबर 99 पर लगे इविवि प्रशासन के ताले को हिंदी के शोधार्थी गौरव पांडेय ने तोड़ दिया और तमाम सामान उस कमरे में रखकर वहां अपना ताला लगा दिया। गौरव का कमरे पर अवैध कब्जा था। बताया जा रहा है कि कुछ अन्य कमरों पर भी उसका कब्जा था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने अवैध कब्जा होने पर इन सभी कमरों के ताले तोड़ दिए और वहां इविवि प्रशासन ने अपना ताला लगा दिया। शोधार्थी गौरव के नाम पर हॉस्टल में कोई कमरा आवंटित नहीं है।
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पुलिस के जाने के बाद शोधार्थी ने कमरा नंबर 99 का ताला तोड़कर कमरे में सामान रख दिया। एसआरके हॉस्टल में मौजूद फोर्स तुरंत मौके पर पहुंची। तब तक गौरव पांडेय वहां से भाग चुका था लेकिन उसकी मदद करने वाला हॉस्टल का वैध छात्र वैभव प्रताप साही वहां मौजूद था। एलएलबी द्वितीय वर्ष के छात्र वैभव को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और उसे थाने ले गई। कमरा नंबर 99 का ताला फिर से तोड़ा गया और वहां इविवि प्रशासन ने दोबारा ताला लगाया। इसके साथ ही कमरे में रखा सामान पुलिस ने उठाकर बाहर फेंक दिया। इसके बाद ताले पर पुलिस ने सील लगा दी। चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे ने बताया कि गौरव को इविवि से निष्कासित कर दिया गया है और वैभव को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया गया है। साथ ही गौरव से कहा गया है कि 24 अप्रैल को चीफ प्रॉक्टर कार्यालय में उपस्थित होकर लिखित कारण बताएं और यह भी पूछा गया है कि क्यों न उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाए।
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हॉस्टल के पते पर बनवाया फर्जी आईकार्ड
- चीफ प्रॉक्टर की ओर से गौरव को जारी नोटिस में कहा गया है कि गौरव ने जीएन झा हॉस्टल के पते पर फर्जी आईकार्ड बनवा रखा था जबकि जीएन झॉ हॉस्टल शोध छात्रों के लिए निर्धारित नहीं किया गया है। चीफ प्रॉक्टर ने इसे धोखाधड़ी करार देते हुए कहा है कि गौरव ने गंभीर अनुशासनहीनता की है और विश्वविद्यालय का छात्र होने का अधिकार खो दिया है।
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